उत्तराखंड: उत्तरकाशी के दयारा ट्रेक से लापता बबीता पांडे का 6 दिन बाद भी सुराग नहीं, पुलिस ने गोई में डाला डेरा
दयारा ट्रेक से लापता एमबीए छात्रा बबीता पांडे का छह दिन बाद भी पता नहीं चल पाया है। अब पुलिस ...और पढ़ें

लापता बबीता पांडे की फोटो।

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जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। दयारा ट्रेक से लापता ग्राम चिल्किया रामनगर, जनपद नैनीताल निवासी एमबीए छात्रा बबीता पांडे का गुरुवार को छह दिन बाद भी कुछ पता नहीं चल पाया है।
उसकी तलाश को खोज एवं बचाव दल में शामिल एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आइटीबीपी व सेना की टीम वापस लौट गई है।
वहीं, पुलिस व वन विभाग की टीम अब भी बबीता की खोजबीन में जुटी हुई है। जानकारी के अनुसार सीओ जनक सिंह पंवार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दयारा ट्रेक के पड़ाव गोई में डेरा डालने का निर्णय लिया है, जो कि अगले चार से पांच दिनों तक गोई में ही रहकर बबीता की तलाश करेंगे।
24 वर्षीय बबीता पांडे बीते 25 मई को अपने दो साथियों हरमनप्रीत सिंह व हरमन पाल के साथ देहरादून से होकर उत्तरकाशी घूमने आई थी। इस दौरान उन्होंने पर्यटन स्थल हर्षिल के साथ लामा टाप का भ्रमण किया। साथ ही गंगोत्री धाम के भी दर्शन किए।
बीते शुक्रवार देर शाम बबीता अपने साथियों के साथ सवा चार किमी की ट्रेकिंग कर दयारा बुग्याल के पड़ाव गोई पहुंची। बताया जा रहा है कि रात करीब 11 बजे बबीता टेंट से बाहर निकलकर अपने फोन पर गाने सुन रही थी।
इस बीच उसके साथी सो गए, जिन्हें शनिवार सुबह बबीता के लापता होने का पता चला। बबीता के कहीं न मिलने से घबराए दोनों साथियों ने स्थानीय लोगों की मदद से दिनभर उसकी खोजबीन की।
लेकिन, जब सफलता नहीं मिली तो उन्होंने बबीता के लापता होने की सूचना शनिवार देर शाम करीब आठ बजे आपातकालीन 112 नंबर पर दी। इस पर मनेरी कोतवाली पुलिस, एसडीआरएफ, वन विभाग आदि की टीम रात में ही दयारा के लिए रवाना हुई।
दो अलग-अलग दलों में यह टीम बकरी वालों आदि के डेरे छानते हुए दयारा की तरफ बढ़ी। रात में वर्षा के चलते टीम को बीच में रुकना पड़ा।
अगले दिन गोई में पुलिस को बबीता के दोनों साथी लड़के मिले। घटना की सूचना पर बबीता के स्वजन भी शनिवार को उत्तरकाशी पहुंचे।
उन्होंने दोनों युवकों पर बबीता के अपहरण का आरोप लगाया। रविवार को पुलिस ने स्वजन की तहरीर पर दोनों युवकों के विरुद्ध अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। इस बीच खोज एवं बचाव अभियान में एनडीआरएफ के जवानों के साथ दो खोजी कुत्ते बन्नी व ब्राउन भी शामिल हुए।
सोमवार को मामले में ट्रेकिंग एजेंसी ब्रोमाउंटेन की ओर से वैध अनुमति पत्र न लेने का पता चलने पर पर्यटन विभाग ने एजेंसी के साथ उसका गाइड पंजीकरण निलंबित कर दिया।
मंगलवार को प्रशासन की मांग पर सेना व आइटीबीपी का दल भी खोज व बचाव अभियान में शामिल हुआ। लेकिन, पांच-पांच किमी के दायरे में जंगल, झाडियों, गाड़-गदेरों व गुफाओं आदि में खोज के बाद भी कहीं कुछ पता नहीं चला।
बुधवार को छह सदस्यीय डीप डाइव टीम ने गोई के पास तालाब में उतरकर बबीता की खोज की। लेकिन कुछ नहीं मिला। सफलता न मिलने के चलते अभियान धीमा पड़ता नजर आया।
गुरुवार को सीओ जनक सिंह पंवार के नेतृत्व में उत्तरकाशी शहर कोतवाल दिनेश कुमार, एसएसआइ दिलमोहन बिष्ट, पुरोला थानाध्यक्ष दीपक कठैत के साथ पुलिस टीम तथा कुछ वनकर्मी गोई रवाना हुए हैं, जिनके रहने व खाने की भी व्यवस्था की गई है।
वहीं, गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने भी दयारा ट्रेक पर लापता बबीता पांडे के संबंध में जानकारी ली है। उन्होंने क्यार्क, बंद्राणी आदि के भ्रमण के दौरान पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों से घटना की विस्तार से जानकारी ली।
भाई ने इंटरनेट मीडिया पर की मार्मिक अपील
लापता बबीता के भाई हर्षित पांडे ने इंटरनेट मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी लापता बहन की खोज में लोगों से मदद की अपील की है।
हर्षित ने कहा कि तालाब में भी पुलिस की मदद से खोजबीन की गई, लेकिन उसकी बहन का कहीं कुछ पता नहीं चल पा रहा है। हर्षित ने कहा कि बहन के नहीं मिलने से उसकी मम्मी का रो-रोकर बुरा हाल है।
दो दिन बाद फिर खोजबीन को पहुंचेगी एसडीआरएफ
एसडीआरएफ के जिला प्रभारी जेपी बिजल्वाण ने बताया कि एसडीआरएफ टीम शुरू से ही घटनास्थल पर लापता की खोजबीन में जुटी हुई थी।
इस कारण जवान काफी थक गए थे, जिन्हें आराम देने के लिए नीचे बुलाया गया है। बताया कि एक-दो दिन बाद टीम को दोबारा खोज एवं बचाव अभियान के लिए भेजा जाएगा।
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