उत्तरकाशी, [जेएनएन]: सेना प्रमुख बिपिन रावत ने गंगोत्री मंदिर के तीर्थ पुरोहित बहीखाता में गांव वाले नाम के कॉलम में उदाल्का, धनारी उत्तरकाशी दर्ज किया। उन्होंने बताया कि उनका ननिहाल उत्तरकाशी के उदाल्का गांव में है। नाना ठाकुर किशन सिंह परमार 60 के दशक में उत्तरकाशी क्षेत्र से विधायक रहे हैं। तीर्थ पुरोहितों को जब सेना प्रमुख के इस पुराने नाते का पता चला तो वे बेहद खुश हुए। बता दें कि सेना प्रमुख का पैतृक गांव पौड़ी जनपद के द्वारीखाल ब्लॉक का सैंज गांव है। वे कुछ माह पहले अपने पैतृक घर को देखने भी गए थे। 

नेलांग दौरे के बाद थल सेना प्रमुख बिपिन रावत हर्षिल पहुंचे । जहां सड़क मार्ग से होते हुए वे मंगलवार शाम को गंगोत्री धाम पहुंचे। गंगोत्री धाम में प्राकृतिक सुंदरता को देखकर सेना प्रमुख खुश हुए। सेना प्रमुख ने गंगोत्री मंदिर और गंगा घाट पर करीब 20 मिनट तक पूजा अर्चना कराई। जिसके बाद उन्होंने तीर्थ पुरोहित एवं गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल के बहीखाता में अपना नाम दर्ज किया। 

इसमें सेना प्रमुख ने पिता का नाम लेफ्टिनेंट स्वर्गीय लक्ष्मण सिंह रावत, माता का नाम स्वर्गीय सुशीला देवी, बेटियों का नाम कीर्तिमा और तारिणी दर्ज किया। साथ ही पता अपने ननिहाल ग्राम उदाल्का, पट्टी धनारी, तहसील डुंडा उत्तरकाशी का दर्ज किया। जब तीर्थ पुरोहितों को इस बात का पता चला कि सेना प्रमुख का तो उत्तरकाशी से पुराना नाता है तो वे बेहद खुश हुए। 

गंगोत्री मंदिर समिति ने बिपिन रावत को गंगा जली व मां गंगोत्री का प्रसाद भेंटकर दीपावली की बधाइयां दी। इस मौके पर सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा कि यह क्षेत्र बेहद ही सुंदर है, यहां पर्यटन की आपार संभावनाएं हैं और आस्था का भी बड़ा केंद्र है। उन्होंने तीर्थ पुरोहितों से आग्रह किया कि जिस तरह से गंगोत्री में स्वच्छता, सुंदरता और आस्था का माहौल है इसको बनाए रखें। 

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Posted By: Raksha Panthari