उत्तरकाशी, [जेएनएन]:उत्तरकाशी जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्र मोरी ब्लाक का सावणी गांव भीषण अग्निकांड की भेंट चढ़ गया। हालांकि गांव में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन 34 मकानों में से 29 पूरी तरह जल गए। इसके अलावा दस गोशालाओं में 100 से ज्यादा मवेशी जिंदा जल गए। जिला प्रशासन की टीम राहत कार्य में जुटी है और प्रभावित परिवारों को गांव के पास ही प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल के भवनों में ठहराया गया है। 

घटना स्थल उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से 200 किलोमीटर दूर हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटा है। 220 की आबादी वाले गांव में कुल 48 परिवार हैं। सड़क से गांव की दूरी सात किलोमीटर है। नैटवाड़ के कानूनगो जब्बर सिंह ने बताया कि गुरुवार को आधी रात के बाद करीब एक बजे गांव के एक घर से आग लपटें निकलने लगीं।

घर के लोगों ने बाहर निकल शोर मचाया तो ग्रामीण भी आग बुझाने में जुट गए, लेकिन आग इस कदर भीषण थी कि उसने एक के बाद एक मकानों को चपेट में ले लिया और पूरा गांव शोलों में तब्दील हो गया। आग को विकराल होते देख लोगों में चीख पुकार मच गई। वे परिवार को लेकर एक पहाड़ी पर चले गए। सावणी के ग्राम प्रधान ज्ञान सिंह ने रात ढाई बजे किसी तरह फोन पर प्रशासन को सूचना दी। प्रशासन की टीम सुबह करीब सात बजे पहुंची। तब तक आग काफी हद तक बुझ चुकी थी। पांच मकान सिर्फ इसलिए बच सके क्यों कि वे गांव से कुछ हटकर थे।

उत्तरकाशी के जिलाधिकारी डॉ.आशीष चौहान ने बताया कि फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन गांव के सभी मकान लकड़ी के हैं और लोगों ने मवेशियों के लिए सूखी घास भी एकत्र कर रखी थी। इस वजह से आग तेजी से फैली होगी। उन्होंने बताया कि निकटतम फायर स्टेशन पुरोला से गांव की दूरी 100 किलोमीटर है। इलाका बेहद दुर्गम होने के कारण यहां अग्निशमन वाहन का पहुंचना नामुमिकन है।

घटनास्थल की ओर रवाना होने से पहले डॉ. चौहान ने बताया कि हादसे से 39 परिवार प्रभावित हुए हैं और प्रभावितों के लिए प्रशासन ने स्कूल भवनों में व्यवस्था की है। तत्काल सहायता के तौर पर प्रत्येक परिवार को 3800-3800 रुपये की धनराशि वितरित की गई। उन्होंने बताया कि खच्चरों से राहत सामाग्री भेजी जा चुकी है। डीएम के अनुसार पुरोला के एसडीएम पीएस राणा राहत कार्य पर नजर रखने के लिए गांव में ही हैं।

तहसीलदार ने सौंपी रिपोर्ट 

उत्तरकाशी। तहसीलदार मोरी माधो राम शर्मा ने सावणी गांव में अग्निकांड घटना की प्राथमिक सर्वे रिपोर्ट दी है। जिसमें तहसीलदार ने बताया कि ग्रामीणों के अनुसार सावणी गांव के जंगल में आग लगी थी, जहां से आग की चिंगारी उड़कर एक मकान में पहुंची। रात को जब यह घटना घटी तो गांव के अधिकांश ग्रामीण पास के सटूडी में देवता के रात्रि जागरण मेला देखने गए थे। गांव में 29 भवन जलकर राख हो गए, जिसमें 29 परिवार प्रभावित हुए हैं।

गांव में नहीं लगी है कोई आग

गोविन्द वन्य जीव विहार के वाइल्ड लाइफ वार्डन हेमंत मैन्दोला ने बताया कि सावणी गांव के आसपास के जंगल में दूर दूर तक कहीं कोई आग नहीं लगी है। वे सावणी गांव गए थे। जहां उन्हें पता चला किया कि आग सरदार सिंह के मकान से गांव में फैली है।

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Posted By: Bhanu

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