जागरण संवाददाता, किच्छा : किसान आयोग का गठन कर पल्ला झाड़ने में जुटी सरकार को चाहिए वह किसान आयोग के साथ ही स्वामीनाथन रिपोर्ट को भी लागू करे। जिससे किसान को उसकी उपज का सही दाम मिल सके और उसे आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर न होना पड़े।

किसानों की आवाज को उच्च न्यायालय में जनहित याचिका के माध्यम से उठाने वाले कांग्रेस नेता डा. गणेश उपाध्याय ने सरकार को घेरते हुए पत्रकार वार्ता के दौरान कहा सरकार की गलत नीतियों के चलते किसान आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हैं। सरकार ने धान की तौल पर 24 घंटे के अंदर भुगतान का दावा किया था, लेकिन तीन माह का 67 करोड़ रुपया केवल धान का ही सरकार पर किसानों का बकाया है। चीनी उद्योग का तो और बुरा हाल है। गन्ना किसानों को 14 दिन में भुगतान का प्रावधान है, लेकिन चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का साढ़े तीन अरब से अधिक का बकाया हो चुका है। लेकिन सरकार की मंशा किसानों को समय से भुगतान की दिखाई नहीं दे रही है। ये हालत तब है जब देश के प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री किसानों की आय 2022 तक दोगुनी करने का दम भरते हैं। प्रदेश के 13 किसान सरकार की गलत नीतियों की वजह से आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठा चुके है। डा. उपाध्याय ने दावा करते हुए कहा सरकार उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करें तो किसान आत्महत्या जैसा जघन्य कदम उठाने को बाध्य नहीं होगा।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस