उत्तराखंड में अब ट्रेन का सफर होगा और सेफ, पटरियों पर लगेगा सुरक्षा ‘कवच’
उत्तराखंड की रेल पटरियों पर अब स्वदेशी 'कवच 4.0' प्रणाली से सुरक्षा बढ़ेगी, जिसके लिए 295 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
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जागरण संवाददाता , रुद्रपुर। उत्तराखंड की रेल पटरियों पर सफर को अब तकनीक का सुरक्षा कवच मिलने जा रहा है। पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल के अंतर्गत उत्तराखंड से जुड़े रेलखंडों पर कवच संस्करण 4.0 लगाने की मंजूरी दी गई है। इस व्यवस्था पर 295 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें काठगोदाम, काशीपुर, रामनगर और टनकपुर जैसे महत्वपूर्ण रेल मार्ग शामिल हैं।
कवच 4.0 के दायरे में इज्जतनगर से काठगोदाम के बीच का रेलखंड शामिल है, जहां कुल नौ स्टेशन आते हैं। काठगोदाम तक आने-जाने वाली ट्रेनों के लिए यह तकनीक संचालन की निगरानी और सुरक्षा को मजबूत करेगी। लालकुआं से काशीपुर के बीच भी कवच प्रणाली लगाई जाएगी, जिसमें चार स्टेशन शामिल हैं।
काशीपुर क्षेत्र से गुजरने वाली रेल सेवाओं के लिए यह प्रणाली अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करेगी। रामनगर से कटघर तक के रेल मार्ग पर भी कवच 4.0 लगाया जाएगा, जिसमें चार स्टेशन शामिल हैं। इस मार्ग पर ट्रेन की गति और परिचालन की निगरानी कवच प्रणाली के जरिए की जाएगी।
भोजीपुरा-टनकपुर रूट के नौ स्टेशन भी इस परियोजना में शामिल हैं, जो नेपाल सीमा से जुड़े हैं। टनकपुर क्षेत्र के यात्रियों के लिए यह महत्वपूर्ण है और कवच की स्थापना से सुरक्षा व्यवस्था में मजबूती आएगी।
इज्जतनगर मंडल के सीनियर डीसीएम संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि कवच भारतीय रेल की स्वदेशी आटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन प्रणाली है, जो ट्रेन की गति और परिचालन की निगरानी करती है। यह सिग्नल पार करने या सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर स्वतः ब्रेक लगाने में सक्षम है, जिससे दुर्घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सकेगा।
