मनीस पांडेय, रुद्रपुर: देश के सबसे ज्यादा पिछड़े 115 जिलों में ऊधमसिंह नगर को शिक्षा के क्षेत्र में उत्तरोत्तर प्रगति के लिए दूसरा स्थान हासिल हुआ। जुलाई माह की रिपोर्ट में मिली इस उपलब्धि पर नीति आयोग ने जिले में शिक्षा क्षेत्र को और ज्यादा उंचाई पर ले जाने के लिए तीन व हरिद्वार को सात करोड़ की धनराशि देने की स्वीकृति दी है।

उत्तराखंड में हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर को देश के सबसे ज्यादा पिछड़े जिलों में नामित किया गया है। देश के पिछड़े हुए कुल 115 जिलों को आकांक्षी जिला माना गया है। जिसमें बेहतरी के लिए नीति आयोग सतत मॉनीटरिग कर रहा है। नीति आयोग विभिन्न पांच विदुओं पर जिले की प्रगति देख रहा है। मुख्य विकास अधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि स्वास्थ व पोषण, शिक्षा, कृषि, रोजगार व वित्तीय समावेशन तथा बुनियादी ढांचा पांच संकेतांक बिदु हैं। जिस पर नीति आयोग आकांक्षीय जिलों की निगरानी कर रहा है। जुलाई माह में शिक्षा क्षेत्र में ऊधमसिंह नगर को पूरे देश में दूसरे स्थान पर पाया गया। जबकि हरिद्वार को भी बुनियादी ढांचे पर बेहतर पाया गया। नीति आयोग, भारत सरकार के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह को भेजे पत्र में लिखा है कि हरिद्वार को सात व ऊधमसिंह नगर को तीन करोड़ की धनराशि दी जा रही है। जिससे बेहतर कार्य किए जा सकें।

---वर्जन--- शिक्षा क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए नीति आयोग ने जिले को सम्मानित किया है। पुरस्कार राशि के तौर पर तीन करोड़ की धनराशि दी है। जिससे जिले में शिक्षा के आधुनिकीकरण को कार्य होगा।

-मयूर दीक्षित, सीडीओ, ऊधमसिंह नगर

Posted By: Jagran

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