जागरण संवाददाता, रुद्रपुर : करीब 60 वर्षो से अधिक समय से रह रहे नगला गांव के लोगों को हटाए जाने के लिए वन विभाग की तरफ से नोटिस दी गई है। इसे लेकर भाजपा नेता मनीष शुक्ला ने डीएफओ अभिलाषा सिंह से मुलाकात कर कहा कि नगला के लोगों को अतिक्रमणकारी कहना गलत होगा। विभाग को चाहिए कि वह कोई भी कार्रवाई करने से पहले सभी आवश्यक बिंदुओं की जांच कराएं। इसके लिए आधिकारिक सीमांकन कराए जाने की जरूरत है। एकतरफा कार्रवाई करने से विभाग को बचना चाहिए।

गांव नगला किच्छा में वन विभाग की तरफ से नोटिस मिलने के बाद भाजपा नेता मनीष शुक्ला के नेतृत्व में गांव के लोगों ने सोमवार को डीएफओ अभिलाषा सिंह को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि गांव के लोग 60 वर्षो से अधिक समय से रह रहे हैं। इन्हें अतिक्रमण के नाम पर हटाने का कोई औचित्य नहीं है। जब तक आधिकारिक तौर पर सीमांकन व राजस्व विभाग की रिपोर्ट न मिल जाए। पूर्व में नगला गांव के आस-पास 2001 में वन विभाग की तरफ से सीमांकन किया जा चुका है। तब गांव को अतिक्रमण से बाहर रखा गया था। वर्तमान समय में बिना आधिकारिक सीमांकन व खसरा खतौनी नंबर की जांच के बिना कोई एकतरफा कार्रवाई करना न्यायोचित नहीं है। डीएफओ अभिलाषा सिंह ने आश्वस्त किया कि गांव वालों पर कोई कार्रवाई करने से पहले सभी कानूनी पहलुओं पर विचार किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से महेंद्र कुमार, मुकेश वर्मा, सुनील रोहेला, प्रकाश बिष्ट, हरीश पांडेय, रामू बिष्ट, हरीश जोशी मौजूद थे।

Edited By: Jagran