जागरण संवाददाता, काशीपुर : पुलिस ने ढाई करोड़ की प्रतिबंधित करेंसी के साथ दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। दो आरोपित फरार हो गए। आरोपित करेंसी को उप्र के मुरादाबाद से लाए थे। पुलिस ने चारों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने प्रयुक्त वाहन भी सीज कर दिया है। मंगलवार सुबह पुलिस दोनों आरोपितों को कोर्ट में पेश करेगी।

एसएसपी ब¨रदरजीत ¨सह ने सोमवार शाम साढ़े छह बजे कोतवाली में मामले का खुलासा किया। बताया गया कि आइआइएम रोड स्थित कुंडेश्वरी में कुंवर ¨सह बिष्ट प्रॉपर्टी के कार्यालय में छापा मार करेंसी बरामद की। साथ ही कुंडेश्वरी निवासी कुंवर ¨सह बिष्ट पुत्र बाग ¨सह व मोहल्ला कैलाश गेट, ऋषिकेश, थाना मूनिकी, रेती जिला, टिहरी गढ़वाल निवासी बृजेश डिमरी पुत्र धर्मानंद डिमरी को गिरफ्तार कर लिया। जबकि दो आरोपित फरार हो गए। आरोपितों ने करीब दो करोड़ की करेंसी होना बताया। पुलिस ने करेंसी की गिनती की तो वह ढाई करोड़ निकली। पूछताछ में आरोपितों ने फरार आरोपितों के नाम गुरप्रेम निवासी गुलजारपुर हॉल ¨सह बैटरी वाला, कुंडेश्वरी और फौजी कॉलोनी, कुंडेश्वरी निवासी रंजीत ¨सह पुत्र सतनाम ¨सह बताया। साथ ही उन्होंने बताया कि करेंसी उप्र के मुरादाबाद से लाकर एकत्र की गई थी।

सराहनीय कार्य के लिए एसएसपी ने पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये के इनाम की घोषणा की। टीम में कोतवाल चंचल शर्मा, एसएसआइ द्वितीय बीएस बिष्ट, दारोगा दिनेश फत्र्याल, खुशवंत ¨सह, सुनील बिष्ट, प्रकाश चंद्र टम्टा, हेमचंद्र, कांस्टेबल कुलदीप ¨सह, देवेंद्र नेगी, पुष्पेंद्र रावत, दिनेश ¨सह, सतीश भट्ट, सुरेंद्र ¨सह, दलीप बोनाल आदि मौजूद रहे।

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बरेली जानी थी करेंसी

आरोपितों ने बताया कि फरार आरोपित गुरप्रेम ने कुंवर ¨सह बिष्ट के प्रॉपर्टी कार्यालय पर मुरादाबाद से करेंसी एकत्र की थी। उसी ने रंजीत ¨सह को फोन पर वार्ता कर कुंडेश्वरी बुलाया था। बताया जा रहा है कि बृजेश डिमरी फरार आरोपित रंजीत की कार चलाकर लाया था। करेंसी को बरेली ले जाना था। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि एक करोड़ रुपये की प्रतिबंधित करेंसी पर 10 लाख रुपये नई करेंसी मिलने वाली थी। रंजीत द्वारा कुछ और करेंसी लाए जाने की जानकारी भी दी। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

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मंगानी पड़ी मशीन

बड़ी मात्रा में मिली प्रतिबंधित करेंसी की गिनती में जब पुलिस र्किमयों के हाथ थके तो बैंक से नोट गिनने की मशीन मंगानी पड़ी। नोट गिनने में पुलिस को करीब तीन घंटे लगे।

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..तो उप्र में अभी भी हो रहा प्रतिबंधित करेंसी का कारोबार मुरादाबाद से प्रतिबंधित करेंसी को एकत्र कर बरेली में खपाने की प्रक्रिया कहीं न कहीं उप्र में प्रतिबंधित करेंसी का धड़ल्ले से कारोबार होने की तरफ इशारा कर रही है। सवाल यह भी उठ रहा है कि प्रतिबंधित करेंसी को बरेली में आखिर कौन खपा रहा है। हालांकि पुलिस का मानना है कि करेंसी एकत्र करने वाले मुख्य आरोपितों के हत्थे चढ़ने के बाद ही इस राज से पर्दा उठ सकेगा। ::::::::::वर्जन-

ढाई करोड़ की प्रतिबंधित करेंसी मिलना प्रतिबंधित करेंसी के कारोबार की तरफ इशारा कर रही है। गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ की जा रही है। करेंसी का कारोबार कौन और किस पैमाने पर किया जा रहा है, जल्द खुलासा कर दिया जाएगा।

-ब¨रदरजीत ¨सह, एसएसपी ऊधम¨सह नगर

Posted By: Jagran

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