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जासं, काशीपुर: प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों पर अंकुश लगाने को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सख्ती बरत रहा है। प्रशासन की मौजूदगी में इलेक्ट्रॉनिक्स वेस्टेज जलाने वाली 14 फैक्ट्रियों को सील कर दिया गया। जबकि अन्य फैक्ट्रियों पर कार्रवाई की जाएगी। इससे उद्यमियों में हड़कंप मचा है।

महुआखेड़ागंज की 22 ऐसी फैक्ट्रियां थीं, जो मुरादाबाद से इलेक्ट्रॉनिक्स वेस्टेज लाकर रात में जलाती थीं। इससे तेज आवाज के साथ जहरीली धुआं निकलता था। इससे लोगों का जीना मुहाल हो गया था। इस मामले को दैनिक जागरण ने प्रमुखता से नवंबर को खबर प्रकाशित की थी तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने इसे गंभीरता से लिया। मामले की जांच की तो पता चला कि वेस्टेज जलाने वाली कंपनियों के पास पीसीबी से एनओसी नहीं थी। इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए पीसीबी मुख्यालय देहरादून रिपोर्ट भेजी गई। मुख्यालय ने कंपनियों को बंद करने के निर्देश दिए थे, साथ ही इन कंपनियों के बिजली कनेक्शन काटने के लिए ऊर्जा निगम को पत्र भेजा था। इस पर कंपनियों के कनेक्शन काट दिए गए। पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी सुभाष चंद्र पंवार ने पर्यावरण अभियंता राकेश कंडारी के साथ प्रशासन की मौजूदगी में गुरुवार को एक-एक कर 14 कंपनियों को सील कर दिया। अन्य कंपनियों को शुक्रवार को सील करने की कार्रवाई की जाएगी। इन कंपनियों के पास पीसीबी से एनओसी नहीं ली थी। ============ इन उद्योगों पर हुई कार्रवाई

लीला मेटल, शिफा मेटल, ए-वन मेटल इंडस्ट्रीज, तौशीफ इंडस्ट्रीज, ¨हदुस्तान इंडस्ट्रीज, अब्दुल ट्रेडर्स, भारत मेटल इंटरप्राइजेज, इंतजार मेटल, खुशी मेटल, इरफान मेटल, मिलान ट्रेडर्स, जिया मेटल, निया मेटल व ईराम मेटल ट्रेडर्स को सील कर दिया गया है।

Posted By: Jagran

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