विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

ऊधम सिंह नगर के गदरपुर बायपास पर हुए सड़क हादसे में मृतक शिव कुमार की सात अक्टूबर को ही हुई थी शादी, उजड़ गया परिवार

By Virendra BhandariEdited By: Rahul Chauhan
Published: Mon, 19 Oct 2026 02:35 PM (IST)

रुद्रपुर के गदरपुर बाइपास पर एक कुत्ते से टकराकर हुई बाइक दुर्घटना में दो युवकों की मौत हो गई। इस ...और पढ़ें

News Article Hero Image

HighLights

  1. गदरपुर बाइपास पर कुत्ते से टकराई बाइक, दो युवकों की मौत।

  2. एक युवक की सात दिन पहले हुई थी शादी, पत्नी विधवा।

  3. दूसरे युवक ने बहन को पालने की जिम्मेदारी संभाली थी।

जागरण संवाददाता, रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर)। सड़क पर अचानक आए एक कुत्ते ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। गदरपुर बाइपास पर गोपाल नगर-बलराम नगर कट के पास हुए हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई।

एक युवक की सात अक्टूबर को ही शादी हुई थी। उसके हाथों की मेहंदी का रंग भी नहीं उतरा था कि पत्नी का सुहाग उजड़ गया। वहीं, दूसरे युवक ने माता-पिता की मृत्यु के बाद खुद मेहनत कर बहन को पढ़ाने और उसका भरण-पोषण करने की जिम्मेदारी संभाली थी।

भाई की मौत से बहन के सिर से आखिरी सहारा भी छिन गया। सोमवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे स्वजन और रिश्तेदारों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। रविवार शाम आईटीआई थाना क्षेत्र के हिम्मतपुर निवासी 21 वर्षीय शिव कुमार उर्फ सतीश पुत्र कृपाल सिंह और 19 वर्षीय राजकुमार पुत्र संजीव बाइक से रुद्रपुर से काशीपुर के आईटीआई क्षेत्र की ओर जा रहे थे।

गदरपुर बाइपास पर गोपाल नगर-बलराम नगर कट के पास अचानक सड़क पर आए कुत्ते से उनकी बाइक टकरा गई। इससे बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा भिड़ी। हादसे में दोनों युवकों की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।

सात अक्टूबर को ही हुई थी शिव कुमार की शादी

हादसे में जान गंवाने वाला शिव कुमार उर्फ सतीश मजदूरी कर परिवार का सहारा बना हुआ था। सात अक्टूबर को ही उसका विवाह गांव की प्रियंका से हुआ था। परिवार में शादी की खुशियां अभी फीकी भी नहीं पड़ी थीं कि हादसे ने सब कुछ छीन लिया।

सतीश पांच भाई-बहनों में इकलौता भाई था। उसकी मौत से पिता कृपाल सिंह, मां सुशीला देवी और चारों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, नवविवाहिता प्रियंका की जिंदगी में शादी के कुछ ही दिनों बाद ऐसा दुख आ गया, जिसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की थी।

परिवार का इकलौता सहारा था राजकुमार

जबकि आइटीआइ क्षेत्र के हिम्मतपुर स्थित राजा जी पुरम, वार्ड सात निवासी राजकुमार के पिता संजीव की 12 वर्ष पहले मृत्यु हो गई थी। दो साल पहले मां संगीता का भी निधन हो गया। माता-पिता को खोने के बाद राजकुमार ने हिम्मत नहीं हारी।

उसने पिछले साल इंटर की पढ़ाई पूरी करने के साथ ही अपनी बहन कशिश के भरण-पोषण की जिम्मेदारी भी संभाली। कशिश काशीपुर के आईआईएमटी से बीबीए की पढ़ाई कर रही है। भाई ही उसके लिए परिवार और सहारा था।

अब हादसे में भाई की मौत के बाद वह पूरी तरह टूट गई है। सोमवार को पोस्टमार्टम हाउस में अपनों को खोने का दर्द दोनों परिवारों के चेहरों पर साफ नजर आ रहा था। एक परिवार में नई-नवेली दुल्हन की खुशियां मातम में बदल गईं, तो दूसरे परिवार में बहन के सिर से भाई का सहारा भी हमेशा के लिए उठ गया।