काशीपुर, [जेएनएन]: लोगों को कंपनी की मेंबरशिप लेने के बाद जमा योजनाओं में निवेश करने के नाम पर सोना और किश्तों में रुपये देने का लालच देकर करोड़ों की ठगी कर भाग रहे तीन आरोपियों को लोगों ने दबोच लिया। साथ ही उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। 

ग्राम बैंतवाला, कुंडा निवासी नौबहार सिंह पुत्र हेतराम सिंह ने पुलिस को तहरीर दी। उसमें उसने कहा कि शिमला निवासी एक युवक ने देश के कई शहरों में सोना खरीदने के नाम पर एक निवेश कंपनी चला रखी है। साथ ही उसने स्टेशन रोड स्थित इजी-डे के ऊपर नौ फरवरी 2016 को एक गोल्ड शोरूम के नाम से शाखा कार्यालय खोला था। इसमें कंपनी के एमडी सहित सात लोगों ने जगह-जगह कैंप लगाकर कंपनी का प्रचार किया। 

साथ ही नेट पर भी कंपनी के नाम से साइट बनाकर प्रचार किया। इस लालच में आकर नौबहार ने भी शाखा कार्यालय में संपर्क किया तो कार्यालय कर्मचारियों ने उससे कंपनी की मेंबरशिप लेने के बाद ही निवेश किए जाने की बात कही। साथ विभिन्न जमा योजनाओं में निवेश करके के लिए चैन सिस्टम बनाकर सोना देने और कमीशन देने की बात कही। कंपनी में पांच हजार रुपये जमा कराने के बाद कंपनी की मेंबरशिप दी जाती थी। जिसके बदले लोगों को 50 हजार तक का सोना और हर तीन माह में चैक के माध्यम से लाभ देना था। 

प्रचार के बाद एक-एक करके एजेंटों के माध्यम से जिला ऊधमसिंह नगर, रामपुर, अमरोहा से करीब ढाई हजार लोग कंपनी से जुड़ गए, लेकिन जमा योजनाओं की समय अवधि पूर्व होने के बाद भी न तो किसी मेंबर को सोना मिला और न ही लाभ। जब एजेंटों ने इस संबंध में शाखा कार्यालय में संपर्क किया तो उन्होंने आज-कल करके बात टाल दी। शनिवार रात कंपनी के एमडी सहित सामली, कुरूक्षेत्र व मुजफ्फरनगर, मेरठ निवासी शाखा कार्यालय पहुंचे। वह कार्यालय में रखे सारे सबूत मिटाने व कार्यालय बंद कर भागने की फिराक में थे। 

किसी मेंबर के शाखा कार्यालय पर पहुंचने पर पता लगा। उसने सभी को फोन कर सूचना दे दी। देखते ही देखते कार्यालय पर काफी मेंबर जमा हो गए। उन्होंने धोखाधड़ी व करोड़ों की ठगी कर भाग रहे तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। साथ पुलिस सूचना दे दी। पुलिस ने घटना स्थल पहुंचकर आरोपियों को हिरासत में ले लिया। आज सुबह करीब 11 बजे कंपनी से जुड़े सैकड़ों मेंबर कोतवाली पहुंच गए। सभी ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर रुपये वापस कराने की मांग की। 

हालांकि, पुलिस ने अभी तक आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया है। प्रभारी कोतवाल रचिता जुयाल का कहना है कि मामला सामने आया है। इसकी जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड में शिक्षकों की नियुक्ति में फर्जीवाड़े की विजिलेंस जांच

यह भी पढ़ें: ठगी का आरोपी कंप्यूटर सेंटर संचालक गिरफ्तार

Edited By: Sunil Negi