संवाद सहयोगी, काशीपुर: सड़क दुर्घटना में मारे गए व्यक्ति के आश्रित को मुआवजा देने के मामले में न्यायालय मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण प्रथम अपर जिला न्यायाधीश काशीपुर ने बीमा कंपनी को आदेश दिया है कि वह याची को 9 लाख 55 हजार रुपये मुआवजा दे। इसके अतिरिक्त याचिका दायर करने की तिथि से मुआवजा राशि का साढे़ सात प्रतिशत ब्याज भी अदा करे। ग्राम बैलजुड़ी थाना कुंडा निवासी हसीना (53) पत्नी स्व. जहूर अहमद ने अधिवक्ता अब्दुल सलीम एडवोकेट के माध्यम से एमएसीटी कोर्ट में दी याचिका में बताया कि 6 सितंबर 2018 को याची के पति स्व. जहूर अहमद पुत्र वधू नाजमा व पोते मोहम्मद अर्श के साथ हल्द्वानी- लालकुआं मार्ग पर पैदल अपनी साइड में जा रहे थे। तभी डंपर यूए04-9057 के चालक ने तेज गति व लापरवाही से वाहन चलाते हुए पति जहूर अहमद, पुत्र वधू नाजमा, पोते अर्श व अन्य महिला कविता सामंत के पीछे से टक्कर मार दी। जिससे कविता सामंत की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि पति जहूर, पुत्रवधू नाजमा, पोते अर्श को सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत बिगड़ने पर जहूर को 7 सितंबर 2018 को एमपी मेमोरियल अस्पताल काशीपुर ले गए, जहां चिकित्सकों ने इलाज में असमर्थता जताई। 24 सितंबर 2018 को याची के पति जहूर को घर ले आए। 25 सितंबर की सुबह जहूर की मृत्यु को गई। जिनका अंतिम संस्कार ग्राम बैलजुड़ी में कर दिया गया। हादसे की रिपोर्ट 9 सितंबर 2018 को उनके पुत्र मोहम्मद युसूफ द्वारा लालकुंआ कोतवाली में दर्ज करा दी गई थी। इस मामले में एमएसीटी, प्रथम अपर जिला न्यायाधीश काशीपुर प्रीतू शर्मा ने बीमा कंपनी फ्यूचर जनरली इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को पीड़ित को 9 लाख 55 हजार रुपये दुर्घटना मुआवजा व याचिका दायर करने की तिथि से मुआवजा राशि का साढे सात प्रतिशत ब्याज के रूप में देने के आदेश दिए हैं।

Posted By: Jagran

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