संवाददाता, रुद्रपुर: जिले में डीएम रह चुके सेवानिवृत्त आइएएस एसएस रावत अब ऑर्बिट्रेटर के पद पर नियुक्त किए गए हैं। करोड़ों के घोटाले वाले एनएच 74 मामले में वह माह में तीन सप्ताह तक जिले में सुनवाई करेंगे।

शुक्रवार को पूर्व आइएएस एसएस रावत ने कलक्ट्रेट में पदभार ग्रहण कर लिया। उनका सफर चुनौतियों भरा माना जा रहा है। बेहद ईमानदार व तेज तर्रार माने जाने वाले अधिकारी अब आर्बिट्रेशन प्रक्रिया को कितना आसान बनाते हैं, यह देखने वाली बात है। जबकि इससे पूर्व आइएएस आरसी पाठक को पांच जून 2018 को ऑर्बिट्रेटर के पद पर नियुक्ति दी गई थी। जिसके बाद उन्होंने एसआइटी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए थे। पूर्व ऑर्बिट्रेटर आरसी पाठक ने कहा कि एसआइटी की कार्यप्रणाली स्वयं उन्हें भी सवालों में उलझा सकती है। ऐसे माहौल में काम कर पाना उनके लिए मुश्किल है। पूर्व ऑर्बिट्रेटर ने न्यायिक प्रक्रिया में एसआइटी के दखल को भी अनुचित करार दिया था। जिसके बाद 20 अगस्त 2018 को उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में सात माह बाद नई नियुक्ति से कार्य में तेजी आने के आसार हैं। जबकि एनएच 74 निर्माण प्रक्रिया के मामले लंबित है। जिन पर नए सिरे से सुनवाई की आवश्यकता पड़ सकती है।

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