जागरण संवाददाता, रुद्रपुर : छात्र गुटों में संघर्ष आम बात हो चुकी है। छात्र लड़ते है और उन्हें संरक्षण देने वाले राजनैतिक दल के मुखिया उनको कोतवाली से ले जाते है। लेकिन इस बार पुलिस ने संघर्ष पर लगाम कसने के लिए कड़ा संदेश दिया तो नेता जी की भी नहीं चली और छात्र नेताओं को रात पुलिस लॉकअप में काटने को मजबूर होना पड़ा। बुधवार को सरदार भगत सिंह कॉलेज में छात्राओं पर टिप्पणी को लेकर जमकर संघर्ष हुआ। माहौल इतना गर्मा गया कि कॉलेज प्रबंधन को कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस फोर्स बुलाना पड़ा। पुलिस ने भी सख्ती दिखाते हुए तुरंत ही दोनों पक्षों के चार युवकों को हिरासत में ले उनका मेडिकल करवा दिया था। पुलिस को इस बात का भी मलाल था कि सोमवार को जब दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद मामले को नगर के मुअज्जिद लोगों के प्रयास से निपटा दिया गया था तो बुधवार को फिर टकराव की नौबत पैदा कैसे हो गई। जिसको लेकर पुलिस का रवैया काफी सख्त था। चारों युवकों में एक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का नगर मंत्री सौरभ राठौर भी था। उसके पकड़े जाने के बाद सत्ता पक्ष के कुछ लोग भी सक्रिय हो गए। उन्होंने पुलिस पर दवाब बनाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन पुलिस इस बार टकराव के लिए जिम्मेदार लोगों को बक्शने के मूड में नहीं थी। दवाब बनाने का काफी प्रयास कर साम दाम दंड सभी अस्त्र इस्तेमाल कर लिए लेकिन भविष्य की घटनाओं पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने भी कमर कस कड़ा संदेश दे दिया। उसके बाद दोनों पक्षों की तहरीर पर क्रास केस दर्ज कर साफ कर दिया कि गलती एक बार ही माफ होगी। पुलिस की कड़ी कार्रवाई के बाद नेताओं के चेहरे भी लटक गए। पुलिस ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी और छात्र नेताओं को पुलिस लॉकअप में रात गुजारने को मजबूर होना पड़ा, जिससे वह सबक ले सके।

Posted By: Jagran

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