किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म करने वाले को 20 साल की जेल, 50 हजार का लगाया जुर्माना
रुद्रपुर में, बरेली के एक व्यक्ति को नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में 20 साल की जेल हुई है। अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसमें से 30 हजार रुपये पीड़िता को मुआवजे के तौर पर दिए जाएंगे। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।

अपर सत्र न्यायाधीश संगीता आर्य की अदालत ने सुनाया फैसला। प्रतीकात्मक
जागरण संवाददाता, रुद्रपुर। ट्रांजिट कैंप से किशोरी को बहला फुसलाकर भगा ले जाने और उससे दुष्कर्म करने वाले बरेली निवासी व्यक्ति को अपर सत्र न्यायाधीश संगीता आर्य की अदालत ने 20 वर्ष की कारावास की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता उमेश कुमार गुप्ता ने बताया कि ट्रांजिट कैंप निवासी व्यक्ति ने 22 अप्रैल 2022 को वह घर पर सो रहे थे। इसी बीच एक व्यक्ति उनके घर के भीतर आ गया। किसी के आने की आहट से उनकी नींद खुली तो व्यक्ति बाहर चला गया। इस पर उन्होंने उससे पूछताछ की तो बताया कि वह किसी के वहां दावत पर था और गलती से उनके घर पर आ गया।
कुछ देर बाद उसकी नाबालिग पुत्री गायब हो गई। इस पर खोजबीन की तो पता चला कि उनके घर आया व्यक्ति पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। जिसे आसपास के कुछ लोगों ने ई-रिक्शा पर ले जाते हुए देखा। मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी। साथ ही कुछ दिन बाद पुलिस ने नाबालिग को बरामद कर लिया। साथ ही आरोपित चेतराम मुडिया, थाना भोजीपुरा, बरेली निवासी अर्जुन मिश्रा पुत्र रघुवर दयाल मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। मेडिकल में किशोरी से दुष्कर्म की पुष्टि हुई। इस पर पुलिस ने आरोपित अर्जुन मिश्रा पर पाक्सो एक्ट में प्राथमिकी पंजीकृत कर जेल भेज दिया था।
साथ ही आठ जुलाई 2022 को पुलिस ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश संगीता आर्य की अदालत में हुई। जहां पर सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता उमेश कुमार गुप्ता ने 10 गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की जिरह सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश संगीता आर्य ने अर्जुन मिश्रा को 20 वर्ष की कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। जिसमें से 30 हजार रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में देने होंगे।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।