किच्छा में बेहड़-शुक्ला की सियासी अदावत फिर गरमाई, 2011 की घटना दोहराई, नया नहीं है दोनों के बीच थप्पड़ कांड
किच्छा नगर पालिका चुनाव में मतदान के दौरान विधायक तिलकराज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के बीच थप्पड़ मारने ...और पढ़ें
-1790099669599_m.webp)
जागरण संवाददाता, रुद्रपुर। नगर पालिका परिषद किच्छा और सिरौलीकलां के हुए मतदान में मंगलवार को जिस तरह बवाल हुआ है, उसने एक बार फिर किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के बीच चली आ रही पुरानी सियासी अदावत को सुर्खियों में ला दिया है।
बताया जा रहा है कि वर्ष 2011 में रामलीला मैदान के विवाद को लेकर दोनों आमने -सामने आ गए थे। उस वक्त आरोप था कि बेहड़ ने राजेश शुक्ला के थप्पड़ जड़ दिया था। उस समय यह प्रकरण पूरे प्रदेश की राजनीतिक में चर्चा का केंद्र विंदु बन गया था।
किच्छा विधानसभा की राजनीति विधायक बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के इर्द- गिर्द घूमती रही है। अक्सर दोनों के बीच किसी न किसी मुद्दे को लेकर तनातनी रहती है। कई बार तो टकराहट भाषाई मर्यादा भी लांघ जाती है।
मंगलवार को निकाय चुनाव के मतदान के दौरान शाम को एकाएक जो घटनाक्रम हुआ और विधायक के थप्पड़ जड़ने जैसी हैरान करने वाली घटना सामने आई, उसने राजनीतिक गलियारों में वर्ष 2011 की घटना को भी चर्चा में ला दिया।
पुराने लोग बताते हैं कि वर्ष 2011 में रुद्रपुर के भदईपुरा में श्रीरामलीला मैदान को लेकर कोई विवाद हुआ था। इसको लेकर विधायक तिलकराज बेहड़ और राजेश शुक्ला में काफी कहासुनी हो गई थी।
उस वक्त आरोप था कि इसी बीच गुस्से में तिलक राज बेहड़ ने राजेश शुक्ला को थप्पड़ मार दिया था। उसके 15 साल बाद अब किच्छा नगर पालिका चुनाव में मंगलवार को थप्पड़ मारने जैसी घटना सामने आई है।
मंडी समिति में हिरासत में लेकर जब पूर्व विधायक राजेश शुक्ला को लेकर पुलिस सिडकुल चौकी ले गई तो वे समर्थकों संग वहां धरने पर बैठ गए। जहां राजेश शुक्ला ने भी वर्ष 2011 में इस घटना को दोहराया।
