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उत्तराखंड के किच्छा में निकाय चुनाव का महासंग्राम: सच में बदली आशंका... 10 प्वॉइंट में पूरा घटनाक्रम

Published: Wed, 23 Sep 2026 09:33 AM (IST)

Kichha Local Body Election : किच्छा नगर पालिका चुनाव के दौरान स्ट्रांग रूम के बाहर विधायक तिलक राज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के बीच जमकर बवाल हुआ।

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जागरण संवाददाता, किच्छा । Kichha Local Body Election : नगर पालिका चुनाव में हुआ बवाल किच्छा के दामन पर जीवन भर का दाग तो लगा ही गया, मर्यादएं भी तार- तार हो गईं। रविवार को प्रचार समाप्त होने के साथ ही विधायक तिलक राज बेहड़ व पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के बीच बन रहे वैक्यूम को संभाल पाने में प्रशासन विफल रहा। जिसके चलते नगर पालिका चुनाव हंमामे की भेंट चढ़ गया। 

  1. नगर पालिका चुनाव में जिस बात का अंदेशा था मतदान के अंतिम समय वही हो भी गया। स्ट्रांग रूम के बाहर पर्दे लगाने का विरोध कर रहे विधायक तिलक राज बेहड़ और भाजपा से पूर्व विधायक राजेश शुक्ला आमने-सामने आ गए। कहासुनी, धक्का-मुक्की और फिर हाथापायी हो गई। इस दौरान पूर्व विधायक शुक्ला के समर्थक ने विधायक बेहड़ पर हमला कर उन्हें थप्पड़ जड़ दिया।
  2. अधिकारियों के बीचबचाव के बाद विधायक बेहड़ मंडी परिसर में धरने पर बैठे गए तो पूर्व विधायक राजेश शुक्ला भी दूसरी तरफ धरना देने लगे। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने लाठियां फटकारी व शुक्ला को हिरासत में लेकर सिडकुल चौकी पहुंचा दिया। विधायक बेहड़ धरनास्थल पर बेहोश हो गए। कुछ देर बाद होश में आने पर पुलिस ने उनको भी हिरासत में कोतवाली पहुंचा दिया। करीब एक घंटे बाद दोनों को छोड़ा गया।
  3. मंगलवार को नगर पालिका चुनाव के लिए मतदान चल रहा था। सुबह धीमी गति से मतदान शुरू हुआ। दोपहर तक तेजी के बाद फिर हल्का रहा लेकिन शाम से मतदाताओं की लंबी लाइनें देखी गईं। मतदान के दौरान कुछ बूथों पर मतदाताओं को अनावश्यक पूछताछ के नाम पर रोकने आदि को लेकर कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह ने आरोप लगाए और पुलिस से कहासुनी भी हुई।
  4. भाजपा ने भी कांग्रेस विधायक बेहड़ पर एक बूथ पर कुर्सी डालकर बैठने और मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया। शाम करीब चार बजे के दौरान अचानक विधायक बेहड़ को स्ट्रांग रूम के बाहर पढ़ें लगाने की सूचना मिली तो वह प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह के साथ मंडी समिति पहुंच गए। विरोध करने पर बेहड़ की आरओ हिमांशु कफल्टिया से तीखी नोकझोंक हो गई।
  5. आरओ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सबको मतगणना स्थल से बाहर होने को कह दिया। विधायक बेहड़ स्ट्रांग रूम के बाहर आ गए और कुर्सी डालकर बैठ गए। इधर, एसपी काशीपुर, सीओ काशीपुर सहित भारी फोर्स वहां तैनात कर दिया गया। विधायक बेहड़ के स्ट्रांग रूम पर मौजूद होने की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक राजेश शुक्ला भी समर्थकों संग कहां पहुंच गए। वह कार से उतरते ही भड़कते हुए मौके पर पहुंचे और बेहड़ की मौजूदगी का विरोध जताते हुए हंगामा कर दिया। पूर्व विधायक के आक्रामक रवैए के चलते दोनों पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए।
  6. धक्का-मुक्की हुई तो अधिकारी और पुलिसकर्मी बीच-बचाव में जुट गए। इसी बीच पूर्व विधायक शुक्ला के समर्थक ने विधायक बेहड़ पर हाथ छोड़ दिया। इससे दोनों पारों के बीच तनातनी हो गई।
  7. रविवार शाम को विधायक तिलक राज बेहड़ ने प्रेस कांफ्रेस कर स्ट्रांग रूम में मतपेटिया रखे जाने पर उसकी सुरक्षा काे लेकर अपनी मांग रखी थी। उसके बाद पूर्व विधायक राजेश शुक्ला की भी प्रतिक्रिया सामने आ गई। रविवार शाम से ही दोनों के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर प्रारंभ हो गया था। जिसके चलते टकराव की आशंका दिखने लगी थी।
  8. मतदान के दौरान दोपहर एक बजे कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह का पुलिस से टकराव हुआ। इधर, भाजपा कार्यकर्ताआें ने भी एक बूथ पर कांग्रेस विधायक बेहड़ की मौजूदगी पर आपत्ति जताई। उसके बाद दोपहर करीब तीन बजे अचानक स्ट्रांग रूम के सामने पर्दे लगा आड़ किए जाने की जानकारी मिलने पर विधायक बेहड़ मंडी समिति पहुंच गए। वहां पहुंच कर अपनी आपत्ति जता दी थी। जिसके बाद पर्दे तो हट गए लेकिन वहां फिर से पर्दे लगाए जाने की आशंका पर विधायक बेहड़ स्ट्रांग रूम के बाहर कुर्सी डालकर बैठ गए। इसकी जानकारी मिलने पर पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के वहां पहुंचने से माहौल गर्मा गया।
  9. इन सब गतिविधियों के बीच प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मतदान प्रक्रिया देखने के लिए बूथों पर पहुंचे तो थे लेकिन दोनों के बीच की तल्खी को नहीं समझ सके। पुलिस ने समय रहते वहां पर ऐहतियातन कदम उठाया होता तो सख्ती बरती होती तो माहौल इतना खराब नहीं होता।
  10. पूर्व विधायक जिस आक्रामक तरीके से स्ट्रांग रूम पर पहुंचे थे, अगर पुलिस ने उनको ही अंदर आने से रोक लिया होता तो यह घटनाक्रम बवाल में तब्दील नहीं होता और दोनों पक्ष अलग -अलग अपनी बात करते रहते। न रोक पाने का परिणाम पूर्व विधायक शुक्ला की आड़ में समर्थक द्वारा विधायक बेहड़ को थप्पड़ मारने की घटना के रूप में सामने आ गया। प्रशासन लगातार दोनों के बीच चल रहे वाक युद्ध का आंकलन कर अपना होमवर्क करता तो शायद इस टकराव से बचाया जा सकता था और जो दाग किच्छा पर लगा उसे रोका जा सकता था।