किच्छा नगर पालिका चुनाव में भाजपा के बागी दावेदारों ने बढ़ाई पार्टी की चिंता, इन नेताओं ने कर दिया निर्दलीय नामांकन
किच्छा नगर पालिका चुनाव में भाजपा को अपने ही बागी दावेदारों से चुनौती मिल रही है। पूर्व जिलाध्यक्ष शैली फुटेला ...और पढ़ें


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जागरण संवाददाता, किच्छा। नगर पालिका चुनाव में भाजपा ने प्रत्याशी घोषित करने में भले ही बाजी मार ली हो, लेकिन पार्टी से अन्य नेताओं के नामांकन करने से बगावत के सुर भी सामने आ गए हैं।
भाजपा प्रत्याशी के नामांकन के बाद चार अन्य भाजपाइयों ने बागी के रूप में नामांकन कर पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नामांकन करने वालों में दो नाम वरिष्ठ पदाधिकारियों के हैं।
दो वर्ष नौ माह के बाद किच्छा नगर पालिका के लिए होने जा रहे चुनाव में अनुशासित कही जाने वाली भाजपा टेंशन में आ गई है। प्रत्याशी चयन के उपरांत भाजपा में बगावत के स्वर फूटने लगे हैं।
भाजपा प्रत्याशी के रूप में संदीप अरोरा के नामांकन के बाद संगठन में अहम पदों पर रहने वाली पूर्व महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष शैली फुटेला, पूर्व मंडल अध्यक्ष व लोकसभा क्षेत्र सोशल मीडिया प्रभारी लवी सहगल सहित देवभूमि व्यापार मंडल अध्यक्ष विजय अरोरा व भाजपा से पुरजोर दावेदारी करने वाले नरेंद्र सिंह ने भी शुक्रवार को निर्दल के रूप में अपना नामांकन करवाया।
भाजपा से बगावत कर चार लोगों के नामांकन से भाजपा की राह आने वाले चुनाव में आसान नजर नहीं आ रही है। हालाकि नामांकन के साथ ही उनको मनाने का दौर भी प्रारंभ हो गया है।
हालांकि, बाहर से शांत नजर आ रही भाजपा में अंदर से घमासान मचा हुआ है। चार लोगों के निर्दल प्रत्याशी के रूप में नामांकन आने वाले समय में भाजपा के लिए अपने अंदर से ही परेशानी का सबब बनता नजर आ रहा है।
कांग्रेस में भी बगावत के सुर, टिकट न मिलने पर अब्दुल रशीद ने किया नामांकन
भाजपा ही नहीं बल्कि कांग्रेस में भी बगावत के सुर सामने आ गए हैं। कांग्रेस से अध्यक्ष पद के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे अब्दुल रशीद जक्कू टिकट न मिलने से खासे नाराज नजर आए।
मुस्लिम समाज में उनकी मजबूत पकड़ होने के चलते कांग्रेस से बगावत कर उनके नामांकन ने कांग्रेस की पेशानी पर बल डाल दिया है। अब्दुल रशीद जक्कू 2012 के चुनाव में मात्र सौ वोटों से चुनाव हारे थे।
उस दौरान उनके आठ सौ वोट निरस्त हो गए थे। उसके बाद 2018 में हुए चुनाव में किच्छा सीट के अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो जाने पर वह चुनाव नहीं लड़ पाए थे। 2026 में सीट सामान्य होने पर उन्होंने कांग्रेस से टिकट न मिलने पर निर्दल नामांकन करवा दिया।
