जागरण संवाददाता, काशीपुर : नगर में धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मां बालसुंदरी देवी की ध्वज यात्रा व डोला मंगलवार को निकाला गया। ध्वज यात्रा के साथ सैकड़ों श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। ध्वज यात्रा के पूर्व नगर मंदिर में देवी का पूजन व हवन आदि हुआ। इसके बाद डोला चैती स्थित बालसुंदरी मंदिर व मोटेश्वर महादेव ले जाया गया। फिर नगर भ्रमण करते हुए रात में डोला नगर मंदिर पहुंचा। सैकड़ों वर्षों से यह डोला व ध्वज यात्रा नगरवासियों की सुख-शांति के लिए निकाली जाती है।

पक्काकोट स्थित नगर मंदिर में सुबह पंचोपचार पूजन के बाद हवन आदि किया गया। इसके बाद पुरोहित परिवार के लोग व श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाते हुए ध्वज यात्रा निकाली व मां के डोले में प्रतीक स्वरूप नारियल रखकर नगर भ्रमण को निकले। डोला नगर भ्रमण करते हुए मां बालसुंदरी देवी मंदिर व मोटेश्वर महादेव मंदिर ले जाया गया वहां से रात में पुन: नगर मंदिर में रख दिया गया। ध्वज यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। इस दौरान नगर जय माता दी से गूंजता रहा। हवन व डोले के साथ पुरोहित परिवार के वंशगोपाल अग्निहोत्रीय, विकास अग्निहोत्रीय, किशन, शिवा, मनोज, शक्ति, भुवन जोशी, जगदीश, पवन व ज्ञानेश अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे।

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बूढ़े बाबू के मेले में उमड़े लोग

भाद्रपद की दूज को लगभग 100 वर्षों से बूढ़े बाबू का मेला पालिटेक्निक के पास रानी बाग में लगता है व इसी दिन मां का डोला निकलता है। मंगलवार को मेले में भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पहले तो यह मेला कई दिनों तक चलता था, लेकिन अब एक दिवसीय हो गया है। नगर व आस-पास के लोग इसे देखने के लिए आते हैं।

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