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काशीपुर के हिमांशु दिवाकर ने बिना कोचिंग के हासिल की IAS रैंक, पिता से मिली प्रेरणा

Published: Sun, 08 Mar 2026 11:29 AM (IST)

काशीपुर के हिमांशु दिवाकर ने बिना कोचिंग के घर पर ही पढ़ाई कर यूपीएससी परीक्षा में 888वीं रैंक हासिल की ...और पढ़ें

काशीपुर के हिमांशु दिवाकर बने आईएएस, माता-पिता का नाम किया रोशन।

काशीपुर के हिमांशु दिवाकर बने आईएएस, माता-पिता का नाम किया रोशन।

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जागरण संवाददाता, काशीपुर । काशीपुर के कटोराताल निवासी हिमांशु दिवाकर ने यूपीएससी परीक्षा में अपने पिता से प्रेरणा लेकर घर पर रहकर ही बिना कोचिंग के सफलता हासिल की है। आईएएस बनकर उन्होंने अपने माता-पिता के सपनों को पूरा किया है। हिमांशु दिवाकर ने यूपीएससी में 888वीं रैंक पाकर यह साबित किया कि दृढ़ निश्चय से कुछ भी मुमकिन है।

इस सफलता के पीछे उनके माता-पिता का अटूट विश्वास और स्वयं का कड़ा अनुशासन रहा है, जिसमें उन्होंने 13-14 घंटे तक घर पर रहकर पढ़ाई की। हिमांशु ने कोचिंग के बिना, घर पर ही आनलाइन संसाधनों, किताबों और लगातार माक टेस्ट के माध्यम से परीक्षा की तैयारी की। हिमांशु दिवाकर के पिता रमेश सिंह दिवाकर अपर जिला जज रुड़की हैं।

अपर जिला जज रमेश सिंह दिवाकर ने बताया कि उनके 27 वर्षीय बेटे ने साल 2020 में एनआइटी हमीरपुर से बीटेक किया। हिमांशु ने बताया कि बीटेक करने के दौरान ही अपने पिता से प्रेरणा लेकर उन्होंने आईएएस बनने का सपना संजोया। उन्होंने बताया कि यह उनका सेकंड अटेम्प्ट और पहली बार इंटरव्यू था।

हिमांशु ने बताया कि मेनहत और लगन से पढ़ाई सफलता की कुंजी है, जो किसी भी विद्यार्थी के लिए बुलंदियों को छूने का मार्ग प्रशस्त करती है। हिमांशु दिवाकर की इस सफलता पर विशेष रूप से उत्तराखंड के न्यायिक अधिकारियों में भी प्रसन्नता का माहौल है और अधिकारी उन्हें बधाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों और परिचितों ने इसे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया है।

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