जागरण संवाददाता, किच्छा : जिला पंचायत सदस्य सावित्री देवी पर तलवार लटक गई है। प्रशासन ने जांच के बाद उनका जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया है। जिसके आधार पर उनके द्वारा जिला पंचायत सदस्य के पद पर चुनाव लड़ा और निर्वाचित भी हुई थी।

महेंद्र पुत्र पूरन लाल निवासी बखपुर द्वारा जिलाधिकारी ऊधम¨सह नगर से की शिकायत पर एडीएम नजूल द्वारा तहसीलदार किच्छा को जांच के आदेश दिए थे। राजस्व निरीक्षक की जांच में सामने आए तथ्य के अनुसार सावित्री देवी पत्नी नंदलाल निवासी बखपुर द्वारा जाति प्रमाण के आवेदन में अपना मायका ग्राम शाहपुर डोडी तहसील बहेड़ी जिला बरेली का उल्लेख किया गया था। जिस पर नायब तहसीलदार की चार अगस्त की आख्या के आधार पर छह अगस्त 2008 को अनुसूचित जाति जाटव का प्रमाण पत्र जारी किया था। जांच के दौरान सामने आया कि सावित्री देवी का उक्त पते से कोई सरोकार भी नहीं है। जाति प्रमाण पत्र पंजिका की जांच के दौरान जारी प्रमाण पत्र क्रमांक 574 पर प्रेमवती पत्नी विक्रम ¨सह निवासी बरा बरी का नाम अंकित है। सावित्री देवी द्वारा अपने आवेदन में जो पता दिया गया है वह उनके देवर की पत्नी के मायके का पता है। जांच में सामने आया कि सावित्री देवी बंगाली जाति से है और उनकी उप जाति महताब है। इस संबंध में जांच अधिकारी द्वारा सावित्री देवी की दो बहनों के भी बयान दर्ज किए है जो नजीमाबाद में ही रहती है। राजस्व उप निरीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर तहसीलदार महेंद्र ¨सह बिष्ट ने सावित्री देवी का अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया।

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