जागरण संवाददाता, रुद्रपुर : बारिश के भीगे धान अब सूखने के बाद भी सरकारी क्रय केंद्रों पर तौल नहीं हो रही है। कारण की पीला सोना कहे जाना वाला धान भीगने से काला हो गया है। सैकड़ों क्विटल धान रोजाना क्रय केंद्रों से वापस हो रहा है। इससे किसानों की मुसीबत और बढ़ गई है। ऊधमसिंह नगर में करीब एक लाख तीन हजार हेक्टेयर में इस बार धान लगाया गया है। रुद्रपुर ब्लाक में करीब 90 फीसद धान खेतों में था, फसल तैयार थी काटने का समय हो चुका था, लेकिन बारिश के चलते सब तबाह हो गया। दो दिनों की लगातार बारिश ने खेतों में ही फसल को डूबो दिया, जिससे धान खराब हो गया है। जिन खेतों में धान की फसल बिछ गई, सूखने के बाद किसान कटाई कराकर मंडी पहुंच रहे हैं तो केंद्र प्रभारी लेने से मना कर रहे हैं। बगवाड़ा केंद्र पर बुधवार को करीब चार सौ क्विटल धान लौटाया गया। उस धान में नमी तो 14 फीसद है, लेकिन काला पड़ने से मानक पर खरा नहीं उतरा। एडीओ बलराज ने बताया कि धान मानक के हिसाब से न होने से खरीदने में असमर्थ है। इसमें 60 फीसद तो दूर 30 फीसद भी साबुत चावल नहीं होगा। मंडी में खराब धान को लेकर पहुंचे किसानों के हंगामे के बाद पहुंचे खाद्य नियंत्रक हरबीर सिंह ने भी धान मानक के हिसाब से न होने के चलते खरीद करने से मनाही कर दी है। अब बीच में फंसे किसान है। एक ओर कुदरत की मार तो दूसरी ओर अब इस धान को मंडी में भी नहीं पूछ है।

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