जागरण संवाददाता, रुद्रपुर : रुड़की आइआइटी की ओर से आयोजित वेबिनार में उन्नत भारत अभियान की ओर से समावेशी व सतत ग्रामीण विकास पर चर्चा की गई। कौशल विकास योजनाओं और उनसे होने वाले फायदे, युवाओं को रोजगारपरक कोर्स से कितना लाभ हुआ और कितना लाभदायक है विषय से संबंधित रोजगार सृजन पर चर्चाएं हुई। दीनदयाल उपाध्याय कौशल केंद्र के मुख्य वक्ता डॉ. हरनाम ने रुद्रपुर में संचालित कोर्स और भविष्य की संभावनाओं पर अपना पक्ष रखा।

शनिवार को आयोजित वेबिनार में डॉ. हरनाम सिंह ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार अवसरों के सृजन के लिए दीनदयाल उपाध्याय कौशल केन्द्रों को स्थापित किया गया है। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना' गरीब ग्रामीण युवाओं के लिए आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम जहा पर कौशल प्रशिक्षण, रहना, खाना, ड्रेस व नियुक्ति के छ: महीने तक एक हजार रुपये अर्थात प्रशिक्षण और रोजगार के बाद 6000 रुपये भी दिया जाता है। उन्नत भारत अभियान गांवों को विकसित करने के उद्देश्य से लागू किया गया है। कौशल विकास योजना का मुख्य उद्देश्य स्वरोजगार एवं रोजगार सृजित करना, उद्यमिता कौशल विकास तथा पेशेवर मार्गदर्शन प्रदान कर नए उद्यमियों को अपनी इकाईयां स्थापित करने में सहायता प्रदान करना है। नेशनल सेंपल सर्वे ऑफिस (एनएसएसओ) के आंकड़ों के मुताबिक 15 से 32 वर्ष की आयु के लगभग 74 फीसदी युवा पलायन करते हैं। 2019 में प्रकाशित यूनिसेफ की रिपोर्ट कहती है 2030 में भारत के 47 फीसद युवाओं के पास बा•ार के अनुकूल आवश्यक शिक्षा एवं कौशल नहीं होगा। वेबिनार में आइआइटी रुड़की के डिप्टी डाइरेक्टर प्रो. एम परीदा, डीन प्रो. मनीष श्रीखंडे, आइआइटी दिल्ली के सह समन्वयक प्रो विवेक कुमार, आ•ाम अली खान, आइटी रुड़की के उन्नत भारत अभियान के क्षेत्रीय समन्वयक प्रो. आशीष पांडेय, डॉ. अरविद श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।

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