जासं, काशीपुर : एक निजी अस्पताल में भर्ती कोरोना पाजिटिव की इलाज के दौरान मौत हो गई। शव ले जाने के निगम की कूड़ा गाड़ी आने की सूचना पर परिजनों ने विरोध जताया तो भीड़ लग गई। लोगों के तेवर देख आनन-फानन में एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई। मृतक का यहीं निर्धारित स्थान पर नियमानुसार अंतिम संस्कार कर दिया गया।

केलाखेड़ा से सटे यूपी के एक गांव निवासी 55 वर्षीय व्यक्ति को पांच नवंबर को सांस की तकलीफ के चलते मानपुर रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। संदेह होने पर मरीज का कोरोना सैंपल लिया गया। जांच में पाजिटिव पाया गया। शनिवार को इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई। इसकी सूचना अस्पताल प्रबंधन ने प्रशासन को दी। रविवार की सुबह निगम की और से एक वाहन अस्पताल पहुंचा। गाड़ी देख परिजन भड़क उठे और वीडियो बनाने लगे। परिजनों का आरोप था कि कूड़ा गाड़ी मौके पर भेजी गई थी। निगम कर्मियों ने बताया कि कूड़ा गाड़ी शव उठाने के लिए नहीं बल्कि कर्मचारियों के आने-जाने के लिए आई है। इसी बीच शव ले जाने के लिये एंबुलेंस भी पहुंच गई। इस पर परिजन शांत हुए। बाद में एंबुलेंस से शव कोरोना मृतकों के लिए निर्धारित स्थान पर ले जाया गया और अंतिम संस्कार किया गया।

--------

एसओपी के अनुसार जिस अस्पताल में मृत्यु हुई, वह अस्पताल ही एंबुलेंस उपलब्ध कराता है। एंबुलेंस रात से ही तैयार थी। हो सकता है एंबुलेंस आने में देर हो गई हो। कूड़ा गाड़ी शव उठाने वाले कर्मचारियों के आने-जाने के लिये भेजी गई थी।

-आलोक उनियाल, एसएनए, नगर निगम, काशीपुर।

Edited By: Jagran