संवाद सूत्र, गरुड़: तहसील के डंगोली पावर हाउस में रात्रि लगभग साढ़े बारह बजे आकाशीय बिजली गिर गई। जिससे कत्यूर घाटी के 228 गांवों की बिजली गुल हो गई। कड़ी मशक्कत के बाद 10 घंटा 15 मिनट बाद विद्युत आपूíत सुचारू हो सकी।

डंगोली स्थित पावर हाउस में गुरुवार की रात्रि आकाशीय बिजली गिरने से तीन हजार केवीए के ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आ गई। जिससे कत्यूर घाटी के गरुड़, गागरीगोल, डंगोली, लखनी, द्यौनाई, सिरकोट, ¨पगलों, बैजनाथ समेत 228 गांवों की विद्युत व्यवस्था गुल हो गई और पूरी कत्यूर घाटी अंधेरे में डूब गई। आकाशीय बिजली इतनी भयानक थी कि ट्रांसफार्मर में छेद हो गया और उससे तेल रिसने लगा। जिसे बमुश्किल प्लास्टिक से रोका गया। विद्युत विभाग के ईई भाष्कर पांडे ने बताया कि शुक्रवार की सुबह छह बजे से रिपेय¨रग का कार्य शुरु किया गया। उन्होंने बताया कि आकाशीय बिजली अíकग हार्न पर गिरी। जिससे उसकी रॉड पूरी तरह से गल गई। उन्होंने बताया कि पावर हाउस में इतना भयंकर घमाका और उजाला हुआ कि वहां ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी चंचल और पान ¨सह के आंख और कान कुछ देर के लिए बंद हो गए।बिजली घर में अíथंग होने के कारण आकाशीय बिजली जमीन में समा गई। जिससे विभाग का 27 लाख का ट्रांसफार्मर बाल-बाल बच गया।

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