जागरण संवाददाता, काशीपुर : नगर का अति प्रसिद्ध महाभारतकालीन द्रोणासागर जहां द्रोणाचार्य ने पांडवों को धनुíवद्या सिखाई थी। अब यहां नगर के अधिकांश लोग माíनंग वॉक व शाम को टहलने जाते हैं। प्रतिदिन हजारों लोग इस रास्ते से गुजरते हैं। अधिकारियों की भी गाड़िया रोज यहां से निकलती हैं, लेकिन किसी की नजर इस जानलेवा गड्ढे की तरफ नहीं जाती। समझ में ही नहीं आता यह गड्ढा है या सड़क। बारिश में तो यह गड्ढा और रूलाता है। इसमें पानी भरने के बाद लोगों के सामने मुश्किल खड़ी हो जाती है। कई बार गिरकर चोटिल हो चुके हैं। पटेल नगर, रोडवेज, आवास-विकास, वैशाली कॉलोनी आदि के लोगों ने समस्या को लेकर नगर निगम व जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन भी सौंपा था्र लेकिन इसमें कोई सुधार नहीं हुआ। लोगों की समस्याएं जस की तस बनीं हुई हैं।

Posted By: Jagran