'मौलाना नहीं, एक विचारधारा है जो संविधान को नहीं मानती', मुफ्ती मुजीब विवाद पर बोले CM पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मदरसों पर मुफ्ती मुजीब के विवादित बयान पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि ...और पढ़ें

मौलाना नहीं, एक विचारधारा है जो संविधान को नहीं मानती: सीएम धामी।
HighLights
सीएम धामी ने मुफ्ती मुजीब के बयान पर कड़ा रुख अपनाया।
यह संविधान विरोधी विचारधारा है, धमकी बर्दाश्त नहीं होगी।
उत्तराखंड में 13 हजार एकड़ से अधिक अतिक्रमण हटाया गया।
जागरण संवाददाता, खटीमा। रुद्रपुर में मदरसों को लेकर विवादित बयान देने वाले मुफ्ती मुजीब के मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल किसी एक मौलाना का मामला नहीं, बल्कि ऐसी विचारधारा का मामला है जो संविधान को नहीं मानती और समाज को धमकाने का काम करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में किसी को भी धमकी देने या कानून से ऊपर खुद को समझने की छूट नहीं दी जाएगी।
लोहियाहेड हेलीपैड पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वह केवल मौलाना की बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि उस पूरी मानसिकता की बात कर रहे हैं जो अतिक्रमण करती है, संविधान की मर्यादाओं को नहीं मानती और दबाव व धमकी की राजनीति करती है।
उन्होंने कहा कि अब वह दौर समाप्त हो चुका है जब वोट बैंक की राजनीति के कारण ऐसे तत्वों को संरक्षण मिलता था और उनके अवैध कब्जों एवं जनसांख्यिकीय बदलावों पर आंखें मूंद ली जाती थीं।
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में कानून और संविधान का राज स्थापित हुआ है। उत्तराखंड में भी हर कार्य संवैधानिक प्रावधानों के तहत किया जा रहा है और किसी को भी कानून हाथ में लेने या धमकी देने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार का बयान देने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कहा कि राज्य सरकार ने अब तक 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है और यह अभियान रुकने वाला नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि देवभूमि में अवैध कब्जों व अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और पूरी प्रक्रिया कानून के दायरे में रहकर की जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।
