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उत्तराखंड के नन्हें छात्र का बड़ा आविष्कार, पिता से प्रेरणा लेकर बनाई अनोखी कुर्सी; मिला पेटेंट

Published: Wed, 19 Aug 2026 04:14 PM (IST)

कक्षा छह के छात्र व्योम केसरवानी ने बाएं हाथ से लिखने वाले छात्रों के लिए एक अनूठी कुर्सी का आविष्कार किया है, जिसे भारत सरकार से डिज़ाइन पेटेंट मिला है।

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संसू, पंतनगर। पंतनगर कैंपस स्कूल के कक्षा छह के छात्र व्योम केसरवानी ने अपनी अभिनव सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

बाएं हाथ से लिखने वाले विद्यार्थियों की सुविधा के लिए तैयार की गई विशेष कुर्सी के डिजाइन को भारत सरकार से पेटेंट भी प्राप्त हुआ है। कम उम्र में मिली इस उपलब्धि से विद्यालय एवं विश्वविद्यालय परिवार में खुशी का माहौल है।

पिता के नाम से तीन पेटेंट दर्ज

व्योम की डिजाइन की गई कुर्सी को कुछ ही क्षणों में समायोजित कर बाएं या दाएं हाथ से लिखने वाले विद्यार्थियों के अनुकूल बनाया जा सकता है। सामान्यतः विद्यालयों में उपलब्ध राइटिंग चेयर दाएं हाथ से लिखने वाले विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं। इससे बाएं हाथ से लिखने वाले विद्यार्थियों को बैठने और लिखने में असुविधा होती है।

व्योम के पिता डा. अमित केसरवानी भी बाएं हाथ से लिखते हैं और उनके नाम भी तीन पेटेंट दर्ज हैं। इसी अनुभव से प्रेरित होकर व्योम ने ऐसी कुर्सी तैयार करने का विचार किया। पिता ने डिजाइन को अंतिम रूप देने और पेटेंट प्रक्रिया में व्योम का मार्गदर्शन किया। अब इस डिजाइन का प्रोटोटाइप तैयार कर उसे व्यावसायिक स्तर पर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। इसके लिए विद्यालय एवं जिला प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा की गई है।

स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में विश्वविद्यालय के कुलसचिव, कैंपस स्कूल समिति के अध्यक्ष, प्रधानाचार्य सहित अन्य अतिथियों ने उन्हें सम्मानित कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। छात्र व्योम का कहना है कि पापा के कामकाज के तरीके को देखकर उनके मन में एक साल पहले आइडिया आया। पांच-छह माह पहले इस पर काम करना शुरू किया था।

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