संवाद सहयोगी, रुद्रपुर : सरकारी अस्पताल में डिलीवरी निश्शुल्क होती है, मगर कुछ ऐसे लोग हैं,जो डिलीवरी के नाम पर दो से तीन हजार रुपये वसूलते हैं। इसके बाद इस रुपये में बंदरबांट होता है। रुपये मांगने को लेकर जिला अस्पताल के लेबर रूम का एक वीडियो वायरल हुआ है। जिससे अस्पताल के चिकित्सकों व कर्मचारियों में हड़कंप मचा है। जब मामला प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक के पास पहुंचा तो मामले की जांच कराने की बात कही।

सरकार महिलाओं को इलाज के लिए काफी सुविधा मुहैया कराती है। इसी में महिलाओं की सरकारी अस्पताल में निश्शुल्क डिलीवरी की सुविधा है। जिससे जच्चा-बच्चा स्वस्थ रहे। जवाहर लाल नेहरु जिला अस्पताल में पंतनगर की एक महिला को डिलीवरी के लिए भर्ती कराया गया है। महिलाओं को आशा कार्यकर्ता भर्ती कराती हैं। अस्पताल के लेबर रुम में मंगलवार रात एक वीडियो वायरल सोशल मीडिया में हुआ है। वीडियो में एक दाया एक आशा कार्यकर्ता से रुपये मांगने का जिक्र है और से लेकर कहासुनी भी हो रही है। बताया जा रहा है कि निश्शुल्क डिलीवरी के नाम पर दो से तीन हजार रुपये गर्भवती महिलाओं से वसूला जा रहा है। बाद में रुपये में बंदरबांट किया जाता है। वीडियो वायरल होने पर अस्पताल के चिकित्सकों व कर्मचारियों में खलबली मची है।मामला सीएमएस तक पहुंच गया है और इस मामले की जांच कराई जाएगी।

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---प्रसव के लिए महिलाओं को मिलती हैं यह सुविधा

रुद्रपुर : सरकार की तरफ से ग्रामीण महिलाओं को प्रसव के लिए 14 सौ व शहरी महिलाओं को एक हजार रुपये का भुगतान किया जाता हैं। इसके साथ ही मिलाओं को आना-जाना फ्री, रहना-खाना के साथ एक वर्ष तक शिशु का इलाज भी निश्शुल्क किया जाता हैं। वहीं भारत सरकार की योजना नंदा देवी गौरा देवी के तहत जिला अस्पताल में प्रथम बार बेटी का प्रसव होने पर 60 हजार रुपये की राशि का भुगतान किया जाता हैं। यह भुगतान अस्पताल का सर्टिफिटेक से बाल बिकास विभाग के माध्यम से किस्तों में की जाती हैं। यहीं नहीं प्रधानमंत्री मातृ वंदना के तहत प्रथम बार गर्भवती होने पर महिला को पांच हजार रुपये की राशि का भुगतान किया जाता हैं।

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अस्पताल के लेबर रूम में अगर ऐसी बात हैं तो मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

-डॉ. राकेश सिंहा, प्रभारी पीएमएस जिला अस्पताल

Posted By: Jagran

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