जागरण संवाददाता, काशीपुर : एक तरफ तो बोर्ड परीक्षाएं सिर पर है, दूसरी तरफ स्कूलों से शिक्षक ही गायब हैं। दरअसल, आधार कार्ड बनाने के लिए शिक्षा महकमे ने अपने खुद के इंतजाम कर लिए हैं। ऐसे में शिक्षक आधार कार्ड में लगे हैं।

कुछ माह पहले शिक्षा महकमे ने एक परिवर्तन किया था। जिसके तहत शिक्षा विभाग में छात्र-छात्राओं के आधार कार्ड किसी निजी एजेंसी से नहीं बल्कि खुद शिक्षक ही बनाएंगे। पहल अच्छी थी, तो शिक्षा विभाग में तीन मशीनें भी आधार कार्ड बनाने के लिए आ गई। एक मशीन कुछ दिन बाद ठप हो गई। हफ्ते भर बाद ठीक होने पर दोबारा कार्ड बनने शुरू हुए। अब दो मार्च से एक तरफ बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं तो दूसरी तरफ प्रत्येक स्कूल से दो शिक्षकों की आधार कार्ड बनाने के लिए तैनाती हो गई। शिक्षक परेशान इसलिए भी हैं कि अगर छात्रों के नंबर कम आए तो प्रतिकूल प्रविष्टि के लिए भी शिक्षकों पर ही गाज गिरेगी।

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कितने शिक्षक लगाए

-प्राइमरी - 10 शिक्षक

-माध्यमिक - 10 शिक्षक

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दो मशीने बंद

कुछ महीनों पहले तीन मशीनें आई थी, जिनसे आधार कार्ड तैयार होते थे। लेकिन अब सिर्फ एक मशीन ही चल रही है। कुछ अन्य मशीनें और आनी बाकी है, लेकिन शिक्षकों को अभी से आधार बनाने के लिए बुला लिया है।

----------- मुख्य विषयों के शिक्षक गायब

स्कूलों के लिए बोर्ड परीक्षाओं में संकट आना लाजिमी है। दरअसल, कुछ शिक्षक मुख्य विषयों के भी हैं जिनको आधार कार्ड बनवाने के लिए लगा दिया है। जिनमें कुछ गणित, साइंस और अन्य विषयों के भी हैं। शिक्षकों का कहना है कि मुख्य विषयों के शिक्षक ही आधार बनाएंगे तो छात्रों को स्टडी कौन कराएगा।

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शिक्षकों से बात की जाएगी। इसके बाद ही कोई आगे निर्णय लिया जाएगा। सिर्फ चार-पांच स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी आधार कार्ड के लिए लगाई है।

-आरएस नेगी, खंड शिक्षाधिकारी, काशीपुर

Posted By: Jagran

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