जसपुर, उधमसिंह नगर [जेएनएन]: जसपुर की पतरामपुर चौकी के पास वर्षों से दबी 555 मिसाइल निष्क्रिय करने का सिलसिला शुरू हो गया है। प्रशासनिक, पुलिस, वन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की पांच सदस्यीय टीम की देखरेख में सेना ने गुरुवार से यह कार्रवाई शुरू कर दी है।

ऐसे आई थी फैक्‍ट्री में मिसाइल 

21 दिसंबर 2004 को काशीपुर की चीनी मिल स्थित एसजी स्टील फैक्ट्री में स्क्रैप आया था। स्क्रैप को काटने के दौरान इसमें मौजूद एक मिसाइल फट गई थी। इससे एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। जांच में पता चला कि स्क्रैप में 67 बड़ी और 488 छोटी मिसाइलें हैं। इसके बाद मिसाइलों को जसपुर की पतरामपुर चौकी के पास जमीन में दबा दिया गया था। 

पीएचक्यू को किया था पत्राचार 

कई साल बीतने के बाद एसएसपी डा.सदानंद दाते ने मिसाइल निष्क्रिय करने को पीएचक्यू को पत्राचार किया था। पत्राचार के बाद बजट भी अवमुक्त हुआ। शासन से भी मिसाइल निष्क्रिय करने के लिए अनुमति मिलने पर सेना के मुख्यालय से संपर्क किया गया था। सेना मुख्यालय से मिले निर्देशों के बाद जून में आर्मी की बम डिस्पोजल यूनिट ने मौका मुआयना भी किया था। लेकिन वन विभाग ने मिसाइल निष्क्रिय करने से पहले वन मंत्रालय की अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल करने को कहा। 

पांच सदस्यीय कमेटी गठित की 

इस पर एसएसपी ने डीएम को पत्र भेजकर मिसाइल निष्क्रिय करने को अन्य स्थल चिह्नित करने को पत्र भेजा था। इसके बाद प्रशासन ने पतरामपुर में ही वन विभाग से हटकर अन्य स्थल अमानगढ़ गेट फीका नदी में मिसाइल निष्क्रिय के लिए चिह्नित कर ली थी। इस पर एसएसपी डा.सदानंद दाते ने डीएम डा. नीरज खैरवाल से अनुमति मांगी थी। डीएम ने मिसाइल निष्क्रिय करने को मंजूरी देते हुए पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। इसमें एसडीएम जसपुर, इसके बाद एसडीएम, सीओ और वन विभाग को कमेटी में शामिल किया गया था।

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Posted By: Sunil Negi