जागरण संवाददाता, रुद्रपुर : ¨सह कालोनी में आठ जून को वारदात को अंजाम देने के बाद डकैत शाहजहांपुर, मुरादाबाद, कासगंज, बिजनौर समेत तमाम जिलों में गए। 14 दिन बाद लौटकर उन्होंने मां सर्वेश्वरी कालोनी में रेकी की। देर रात खिड़की की ग्रिल उखाड़कर घर में घुसे और अपर्णा प्रिया की हत्या कर डाका डाला था। वारदात के बाद बदमाश पहले बस और फिर ट्रेन से बिहार, पश्चिम बंगाल की ओर फरार हो गए थे।

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जेल में हुई थी जैन व खाबिद से मुलाकात

हल्द्वानी और रुद्रपुर में हत्या और डकैती में गिरफ्तार छैमार गिरोह के जैन हसन उर्फ इकराम उर्फ सांई और खाबिद उर्फ लंबरदार से मारवाड़ी गिरोह के सदस्यों की मुलाकात उप्र के जेल में हुई थी। इस दौरान इनके बीच दोस्ती हो गई थी। जेल से रिहा होने पर सांई और खाबिद ने उन्हें रुद्रपुर में पनाह दी थी। इंसेट------------

कोड में करते थे बात

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार मारवाड़ी गिरोह एक-दूसरे को असली नाम से नहीं पुकारते थे। वे नामों में कोड का इस्तेमाल करते थे। मोबाइल पर बात करते समय भी किसी को आभास तक नहीं होने देते थे कि वह किस बारे में बात कर रहे हैं। पुलिस के हाथ उनकी कुछ रिकॉर्डिंग भी लगी है। जिससे हर बात का डबल अर्थ निकल रहा है, जिसे पुलिस समझ नहीं पाई तो कुछ लोगों से संपर्क करना पड़ा। पुलिस के मुताबिक कोड में बात करने का तरीका इस तरह से था। चोरी थोड़ी की जो तीन-चार महीने के लिए भाग जाओ। जब गिरफ्तार राम ¨सह से पूछा गया तो उसने बताया कि इसका मतलब चोरी की है, तीन चार महीने के लिए दूर रहो, नहीं तो पकड़े जाओगे। इंसेट--------------

डकैत बोले, ढाई कत्ल किए

डकैतों की गिरफ्तारी मुखबिरी पर हुई। दरअसल, कुछ लोगों ने इन्हें ढाई कत्ल की बात करते सुना था। यह साफ हो ही चुका था कि वारदात में मारवाड़ी गैंग है, इसके बाद पुलिस ने अपनी ताकत गिरोह की धरपकड़ में लगा दी थी।

Posted By: Jagran