रुद्रपुर, [जेएनएन]: चुकटी-देवरिया में टोल शिफ्टिंग को लेकर खेले गए खेल में एसआइटी ने पांच काश्तकारों के हस्ताक्षर और हस्तलेख जांच को एफएसएल देहरादून भेजे हैं। माना जा रहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद फिर बड़ी कार्रवाई हो सकती है। 

बता दें कि एनएच-74 मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआइटी फिलहाल रुद्रपुर, गदरपुर और किच्छा तहसील से जांच की शुरुआत कर चुकी है। किच्छा तहसील क्षेत्र की जांच में किच्छा रोड चुकटी देवरिया में टोल शिफ्टिंग को लेकर भ्रष्टाचार की पुष्टि हुई। इसमें पांच काश्तकारों ने महिला बिल्डर को जमीन बेची थी। जब एसआइटी ने जांच की तो कृषि भूमि को अकृषक दर्शाया गया था। इस पर एसआइटी ने काश्तकारों को पूछताछ के लिए बुलाया। 

पूछताछ में काश्तकारों का कहना था कि उनके फर्जी हस्ताक्षर कराकर जमीन की 143 की गई है। हस्ताक्षर फर्जी हैं या फिर असली, इसकी पुष्टि को एसआइटी ने पांचों काश्तकारों के हस्ताक्षर और हस्तलेख लिए। एसआइटी अधिकारियों के मुताबिक सोमवार को पांचों हस्ताक्षर और हस्तलेख एफएसएल जांच को देहरादून भेज दिया गया है। 

चकबंदी अधिकारी और पेशकार से पूछताछ 

एनएच मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआइटी ने सोमवार को किच्छा तहसील के चकबंदी अधिकारी और पेशकार से पूछताछ की। सुबह 11 बजे किच्छा तहसील के चकबंदी अधिकारी किशोरी कुटियाल और पेशकार नेत्र बल्लभ जोशी एसएसपी कार्यालय स्थित एसआइटी कार्यालय पहुंचे। 

वहां 11:30 बजे से एसआइटी ने उनसे पूछताछ शुरू की। करीब दो घंटे तक एसआइटी ने दस्तावेज की जांच कर बयान भी दर्ज किए। एसआइटी अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार को भी किच्छा और गदरपुर के तहसील कर्मी और काश्तकारों से पूछताछ की जाएगी। 

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By Raksha Panthari