रुद्रपुर, उधमसिंह नगर [जेएनएन]: पंचायत में महिलाओं से मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद विधायक राजकुमार ठुकराल समेत तीन भाजपाइयों पर दर्ज एससीएसटी का मुकदमा हट सकता है। मारपीट के बाद हुए समझौते में भी पीड़ि‍त ने राजीनामे में सामान्य जाति के होने की बात कही है। अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल सीओ स्तर पर जांच चल रही है। एससीएसटी की पुष्टि न होने पर केस वापस हो सकता है।

विधायक राजकुमार ठुकराल के घर में हुई पंचायत में मारपीट हो गई थी। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था। इस पर इंदिरा कालोनी, गली नंबर चार निवासी रामकिशोर उर्फ श्याम ने विधायक राजकुमार, दिलीप अधिकारी और किरन सरदार पर पत्नी और पुत्रियों से मारपीट कर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाया था। मामले में पुलिस ने तीनों पर एससीएसटी एक्ट और मारपीट का मुकदमा दर्ज किया था।

मुकदमे के बाद चली मान-मनोव्वल में दोनों पक्षों के बीच राजीनामा हो गया था। राजीनामा में पीड़ि‍त पक्ष ने नाराज होकर झूठी तहरीर देने की बात कहते हुए कहा कि वह सामान्य जाति के हैं। इधर, पुलिस के मुताबिक जांच चल रही है। अब तक हुई जांच में धीमर-कश्यप अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति में नहीं आते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि विधायक समेत तीनों पर दर्ज एससीएसटी का मुकदमा जांच में हट सकता है। 

सीओ यातायात ने शुरू की जांच, लिए बयान  

सोमवार को जांच अधिकारी सीओ यातायात बीएस चौहान इंदिरा कालोनी गली नंबर चार स्थित पीडि़त पक्ष के आवास पहुंचे। इस दौरान उन्होंने वादी रामकिशोर के साथ ही मारपीट में घायल उनकी पत्नी और पुत्रियों के भी बयान दर्ज किए। बाद में वह घटनास्थल पर भी गए और आस-पास के लोगों से भी पूछताछ की।  

एएसपी (यूएसनगर) देवेंद्र पिंचा का कहना है कि जांच सीओ यातायात कर रहे हैं। पीड़ि‍त पक्ष के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। जहां तक एससीएसटी में दर्ज केस के हटने का सवाल है, इस संबंध में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। 

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By Sunil Negi