संवाद सूत्र, घनसाली: सिचाई नहरों की मरम्मत न होने से परेशान बाल गंगा घाटी की कई महिलाओं ने बूढ़ाकेदार जा रहे जिलाधिकारी के काफिले को रोक लिया। इन महिलाओं ने डीएम को अपनी समस्या बताई, जिस पर डीएम ने तत्काल संज्ञान लेकर सिचाई विभाग के अधिकारियों को प्राथमिकता से उनकी समस्याओं को हल करने के निर्देश दिए। डीएम ने बूढ़ाकेदार मंदिर के दर्शन भी किए और वहां भी ग्रामीणों की समस्याएं सुनी।

शनिवार को जिलाधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव जब सुबह घनसाली से बूढ़ाकेदार जा रही थी, तो सूचना मिलने पर ग्राम पंचायत कोठियाड़ा, श्रीकोट, चमियाला गांव, केमरा, चमोल गांव की महिलाओं ने डीएम का काफिला रोक लिया और उन्हें अपनी समस्या बताई। महिलाओं का कहना था कि सिचाई विभाग के अधिकारियों को ग्रामीण पिछले छह माह से नहरों की मरम्मत करने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन विभाग पैसा का रोना रोकर अपना पल्ला झाड़ रहा है, जिससे वर्षों पुरानी नहरों के क्षतिग्रस्त होने के कारण उन पर पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं चल पा रहा हैं और अब धान की रोपाई के लिए भी पानी नहीं मिल पा रहा है। यही नहीं, विभाग ने नहर की देखरेख के लिए एक बेलदार तक की व्यवस्था नहीं की है, जिससे अब ग्रामीणों के सामने धान की रोपाई का संकट खड़ा हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने सिचाई विभाग को दूरभाष पर निर्देशित करते हुए कहा कि तत्काल प्रभाव से ग्रामीणों की समस्या का समाधान किया जाए, जिसके बाद महिलाएं शांत हुई। उधर, मौके पर मौजूद उपजिलाधिकारी केएन गोस्वामी ने बताया कि मंगलवार को विभाग के ईई और अन्य अधिकारियों को मौके का निरीक्षण करने को बुलाया गया है, जिस में प्रशासन की टीम भी मौजूद रहेगी। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं, डीएम ने बूढ़ाकेदार पहुंचकर बूढ़ाकेदार मंदिर के दर्शन किए और इसके बाद ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। उन्होंने क्षेत्र में पेयजल समस्या के समाधान को संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने बूढ़ाकेदार-अगुंडा मोटर मार्ग की दशा तत्काल सुधारने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इस मौके पर प्रधान सनोप राणा, हिम्मत रौतेला, भूपेंद्र नेगी, सतीश रतूड़ी आदि मौजूद थे।

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