संवाद सूत्र, नरेंद्रनगर: ऋषिकेश- गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के आगराखाल कस्बे में पर्यटन विभाग का 25 लाख से बना सुलभ शौचालय एक वर्ष की मामूली बरसात में ही ध्वस्त हो गया। शौचालय ध्वस्त होने का कारण उसे भूधंसाव वाली भूमि पर बनाया जाना बताया जा रहा है। भूधंसाव के कारण सात लोगों ने अपने घर खाली कर दिए हैं।

दरअसल, जहां पर शौचालय बनाया गया, वह स्थान पूर्व से ही भूधंसाव वाला क्षेत्र है। बावजूद इसके पर्यटन विभाग ने वर्ष 2016 में इसी भूधंसाव वाले स्थान पर 25 लाख की लागत से 12 सीटर कंबाइंड सुलभ शौचालय बना दिया। इसका उपयोग अप्रैल 2017 से प्रारंभ किया गया और सितंबर 2018 में यह ध्वस्त हो गया। इस शौचालय पर दरारें 15 दिन पहले आ चुकी थी और रविवार को यह ध्वस्त हो गया। नरेंद्रनगर तहसीलदार विजय ¨सह तोपवाल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि शौचालय की छत व दीवारों का मलबा तत्काल हटाया जाए, ताकि शौचालय के नीचे बसे परिवारों को खतरे से बचाया जा सके। शौचालय के दोनों ओर प्रभावित 7 दुकानों को भी खाली करा दिया गया है। उधर, शौचालय के ठीक नीचे बसे अजय ¨सह, विजय ¨सह, धर्म ¨सह, चतर ¨सह, विक्रम ¨सह, शिव ¨सह और मनोज ने खतरे को भांपते हुए पशुओं सहित अपने घर छोड़कर अन्यत्र शिफ्ट हो गए हैं। लोगों का गुस्सा पर्यटन विभाग पर फूट रहा है। ग्राम प्रधान शिव ¨सह रावत का कहना है कि इसका खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है। सात दुकानदारों की रोजी-रोटी पर संकट आ गया है, जबकि आधा दर्जन से अधिक परिवारों को खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने शौचालय निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। तहसीलदार विजय ¨सह का कहना है कि सुरक्षा की दृष्टि से सात घरों को खाली कराया गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है।

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