नई टिहरी, [अनुराग उनियाल]: प्रदेश में प्राइवेट उच्च शिक्षा संस्थानों में मानकों की अनदेखी कोई नई बात नहीं है। श्रीदेव सुमन विवि में संबद्धता के लिए आने वाले आवेदनों को देखें तो पता चलता है कि किस तरह संस्थान बिना मानक पूरे किए ही कॉलेज संचालित करने का प्रयास कर रहे हैं। 

इस वर्ष अभी तक श्रीदेव सुमन विवि के पास 56 प्राइवेट कॉलेजों ने नई संबद्धता के लिए आवेदन किया था। इसमें से 47 कॉलेजों के प्रस्ताव विवि ने मानक पूरे न होने के कारण खारिज कर दिए और मात्र नौ कॉलेजों को ही पैनल के लिए स्वीकृत किया है। पिछले साल की बात करें तो 117 कॉलेजों ने आवेदन किया था जिसमें से मात्र 7 को संबद्धता दी गई थी। श्रीदेव सुमन विवि के पास मौजूदा वक्त में एक कैंपस, 51 सरकारी कॉलेज और 109 प्राइवेट कॉलेज संबद्ध हैं। हर साल बड़ी संख्या में विवि से संबद्धता के लिए आवेदन आते हैं। इस वर्ष अभी तक विवि के पास 56 कॉलेजों की संबद्धता के प्रस्ताव आए हैं। 

इसमें से 47 कॉलेजों के प्रस्ताव औपचारिकताएं पूरी नहीं कर पाए जिस वजह से विवि ने इनके प्रस्ताव निरस्त कर दिए हैं। मात्र नौ कॉलेजों को ही विवि की संबद्धता समिति के पैनल के लिए चुना गया है। इनमें से अधिकतर कॉलेज हरिद्वार, देहरादून और रुड़की क्षेत्र के हैं। पिछले वर्ष विवि के पास 117 कालेजों के प्रस्ताव आए थे जिसमें से विवि ने 110 कॉलेजों के प्रस्ताव निरस्त कर दिए थे और मात्र सात को संबद्धता दी गई। 

इन आंकड़ों से समझा जा सकता है कि विवि से संबद्धता के लिए कॉलेज बिना मानक पूरे किए ही आवेदन कर रहे हैं। विवि सूत्रों की मानें तो आवेदन करने वाले अधिकतर पुराने कॉलेज भी हैं जो अब नए कोर्स शुरू करना चाह रहे हैं और उसके लिए नए सिरे से आवेदन कर रहे हैं। लेकिन विवि में जांच के दौरान ही इनके आवेदन निरस्त हो रहे हैं। नए कॉलेजों की संबद्धता के लिए कड़े नियम बनाए हैं। पूरे जांच के बाद ही संबद्धता दी जाएगी। इसमें किसी भी तरह ही लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉ. दीपक भट्ट, कुलसचिव, श्रीदेव सुमन विवि कैसे होती है संबद्धता विवि के पास कोई भी आवेदक कॉलेज और कोर्स की संबद्धता का प्रस्ताव देता है। 

इसके लिए विवि ने मैदान में पांच एकड़, निकाय क्षेत्र में दो एकड़ और पहाड़ में एक एकड़ जमीन कॉलेज के नाम पर होने की अनिवार्यता रखी है। इसी तरह कोर्स के लिए एफडीआर का भी 15 से 35 लाख तक का मानक रखा है। इसके अलावा प्रयोगशाला, फर्नीचर और स्टॉफ के लिए अलग-अलग मानक रखे गए हैं। इन मानकों पर खरा उतरने के बाद विवि की संबद्धता समिति कॉलेज का निरीक्षण करती है और उसकी रिपोर्ट पर संबद्धता दी जाती है। यह भी पढ़ें: अगर औसत से कम रहा बोर्ड का रिजल्ट तो होगी रेमेडियल टीचिंग, जानिए

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