संवाद सूत्र, चिन्यालीसौड़ : कृषि विभाग के सहयोग से कृषि विज्ञान केंद्र चिन्यालीसौड़ में एक दिवसीय उर्वरक अनुप्रयोग जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें किसानों को बढ़ते रासायनिक उर्वरकों से होने वाले नुकसान को खत्म करने, जैविक उर्वरकों व जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रम में ब्लॉक के गांवों से आए हुए करीब 100 कृषकों ने प्रतिभाग किया।

मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. पंकज नौटियाल ने कृषकों को बताया कि जैव उर्वरक पौधों में वृद्धि कारक हार्मोंस पैदा करता है, जिससे उपज में वृद्धि होती है। इसके उपयोग से मृदा जनित रोगों पर नियंत्रण, सूक्ष्म जीवों में वृद्धि व पर्यावरण की सुरक्षा होती है। उन्होंने किसानों को मृदा व उर्वरकों को संतुलित अनुप्रयोग पर जोर देने को कहा। उत्तराखंड ग्रामीण बैंक शाखा प्रबंधक अभिषेक पंवार ने किसानों के हित में चलाई जा रही बैंक की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। केंद्र के कृषि प्रसार विशेषज्ञ डॉ. गौरव ने किसानों को जैव उर्वरक के प्रयोग से होने वाले लाभ की जानकारी दी। इस पर उन्होंने कृषकों को लघु फिल्म के जरिये उर्वरक अनुप्रयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में टिपरी गांव के किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए। इस मौके पर रोहणी खोब्रागडे़, वरुण सुयाल, ख्याली राम, आशुतोष नेगी, कैलाश सिंह, रमेशलाल शाह मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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