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देवप्रयाग, जेएनएन। देवप्रयाग लोनिवि तिराहे पर 26 जून को ट्रक चालक की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके साथी चालक को शुक्रवार रात तपोवन (ऋषिकेश) से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार शराब के नशे में हुई कहासुनी के बाद साथी चालक ने ही पत्थर से सिर कुचलकर उसकी हत्या की थी। 

देवप्रयाग में 26 जून की रात को 29 वर्षीय रोहित वेलिंगटन उर्फ हनी पुत्र स्व. सुनील वेलिंगटन निवासी छोटा भारूवाला, क्लेमेनटाउन देहरादून की लोनिवि तिराहे पर पत्थर से सिर कुचलकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने जांच में पाया कि ट्रक चालक और मालिक रोहित अगस्त्यमुनि से लौट रहा था। पास स्थित होटल के सीसीटीवी में एक और व्यक्ति घटनास्थल के पास मौजूद दिखा था। मृतक रोहित के ममेरे भाई अनिल बड़वाल की तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। 
इस मामले में ट्रक मालिक और चालक रोहित की ओर से घटना के दो दिन पहले बतौर चालक रखे गए प्रकाश सिंह पुत्र सते सिंह निवासी रब्बा तल्ला, चंद्रनगर, जिला रुद्रप्रयाग को संदिग्ध माना गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी के निर्देश पर देवप्रयाग पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम गठित कर हत्यारोपी की तलाश शुरू की गई। आखिर में दो अगस्त को प्रकाश सिंह को तपोवन (ऋषिकेश) में देखे जाने की सूचना टीम को मिली। इस पर थाना प्रभारी देवप्रयाग महिपाल सिंह रावत मय पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचे और बस की इंतजार में खड़े प्रकाश सिंह को गिरफ्तार कर लिया। 
पूछताछ में युवक प्रकाश सिंह ने बताया कि 26 जून को अगस्त्यमुनि से लौटते समय उसने और रोहित ने दो जगह शराब पी, जिसके बाद वह देवप्रयाग में रुक गए। ट्रक में मोबाइल से किसी लड़की से बात करने के चलते रोहित ने उसे कहीं और जाकर सोने को कहा। प्रकाश के अनुसार उसके मना करने पर रोहित ने उसे कईं थप्पड़ जड़ दिए। दोनों की ट्रक से उतरकर जमकर कहासुनी और हाथापाई हुई। रोहित के ज्यादा नशे में होने पर प्रकाश ने उसे जमीन पर गिराकर पत्थर से उसका सिर कुचल डाला। 
मृत रोहित पर कंबल डालकर प्रकाश ने उसका मोबाइल और करीब 17 हजार रुपये को निकाला। साथ ही जूते और कमीज पहनकर मौके से पैदल ही निकल भागा। आगे ट्रक पकड़कर वह हरिद्वार पहुंच गया। रोहित का मोबाइल देवप्रयाग पेट्रोल पंप के पास फेंके जाने के प्रकाश के बयान पर पुलिस मोबाइल की भी तलाश कर रही है।
हिमाचल में सेब के बगीचे में कर रहा था काम 
रोहित की हत्या के बाद प्रकाश सिंह हिमाचल चला गया और वहां हुलिया बदलकर सेब के बगीचे में काम करता रहा। नए खरीदे मोबाइल से उसने अपने घर बात भी की थी, जिसके बाद पुलिस टीम चौकन्नी हो गई थी। आखिर प्रकाश सिंह टीम के हत्थे चढ़ ही गया। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रकाश को शनिवार को नई टिहरी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले का पर्दाफाश करने वाली टीम को एसएस पी टिहरी डॉ. योगेंद्र  सिंह रावत ने ढाई हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।

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