संवाद सूत्र, लंबगांव: प्रतापनगर की पट्टी रौणद रमोली का पुजारगांव आज भी सड़क की बाट जोह रहा है। चार साल पहले सड़क का समरेखण होने के बावजूद आज तक सड़क नहीं बन पाई। इसके चलते ग्रामीणों को तीन किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण को लेकर प्रदर्शन से लेकर चुनाव बहिष्कार का निर्णय तक कर लिया। लेकिन, सिवाय आश्वासन के उनके हाथ कुछ नहीं लगा।

करीब 800 आबादी वाले पुजारगांव में सड़क का समरेखण वर्ष 2015 में किया गया था। लेकिन, उसके बाद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। इसके कारण लोगों को समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। पट्टी रौणद रमोली के पुजारगांव में थकलेश्वर महादेव का मंदिर भी है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। इसके अलावा मरीजों और गर्भवती महिलाओं को सड़क तक पहुंचाने में सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के लिए वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के बहिष्कार का निर्णय लिया था। तब तहसील प्रशासन ने गांव में पहुंचकर ग्रामीणों को मतदान के लिए मनाया था। साथ ही सड़क निर्माण का आश्वासन भी दिया गया था। पूर्व प्रधान सुरेश आर्य, कैलाश नौटियाल, सूरजमणी बताते हैं कि इसे लेकर कई बार ग्रामीणों का शिष्टमंडल विभाग से मिल चुका है, लेकिन आज तक आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिल पाया है।

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सड़क के प्रथम चरण तीन किमी की स्वीकृति मिल चुकी है, जिसमें सड़क का सर्वे हो चुका है। द्वितीय चरण की डीपीआर शासन को भेजी गई है। स्वीकृति के बाद सड़क का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

केएस नेगी, अधिशासी अभियंता लोनिवि

Posted By: Jagran

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