अनुराग उनियाल, नई टिहरी

श्रीदेव सुमन विवि की परीक्षाओं में आने वाले प्रश्नपत्र अब जांच के बाद ही परीक्षा में शामिल किए जा सकेंगे। विवि ने पहली बार विवि परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों की जांच के लिए विशेषज्ञ तैनात किए हैं। अब अलग-अलग विषयों के यह विशेषज्ञ प्रश्नपत्रों की जांच करेंगे और उसमें जो गलतियां होंगी, उन्हें दूर करेंगे। विवि का मानना है कि इससे प्रश्नपत्रों में आउट ऑफ सिलेबस प्रश्न पूछे जाने और गलत प्रश्न पूछे जाने की समस्या दूर हो सकेगी।

श्रीदेव सुमन विवि की परीक्षाओं में आने वाले प्रश्नपत्रों में आउट ऑफ सिलेबस और गलत सवाल आने की शिकायत पूर्व में कई बार सामने आ चुकी है। विवि अभी तक परीक्षाओं के लिए प्रश्नपत्र तैयार करने के लिए अलग-अलग विवि के विशेषज्ञों की मदद लेता था, जो प्रश्नपत्र तैयार करते थे और प्रश्नपत्र सीधा परीक्षाओं में दिए जाते थे, लेकिन कई बार परीक्षार्थियों ने आउट ऑफ सिलेबस सवाल आने और कई बार गलत सवाल पूछे जाने की शिकायत की। इसके बाद विवि की कार्य परिषद और शैक्षिक परिषद में प्रश्नपत्रों की जांच के लिए विशेषज्ञ तैनात करने का प्रस्ताव पारित किया गया। विवि कुलसचिव डॉ. दीपक भट्ट का कहना है कि अब विवि ने प्रत्येक विषय के लिए एक-एक विशेषज्ञ की तैनाती की है, जो प्रश्नपत्रों की जांच करेंगे और उसमें जो कमी है, उसे दूर करने के बाद ही प्रश्नपत्र को परीक्षा में शामिल किया जाएगा। विवि के इस कदम से प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता भी बढ़ेगी और गलतियों की आशंका कम रहेगी। विवि इस कार्य के लिए विशेषज्ञों को बाकायदा मानदेय भी देगा।

Posted By: Jagran