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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 11, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Tehri Cloudburst: टिहरी में फटा बादल, आइटीआइ भवन और 10 दुकानें ध्वस्त; बाजार बंद होने से टला बड़ा हादसा

By Raksha PanthriEdited By:
Published: Tue, 11 May 2021 06:21 PM (IST)Updated: Wed, 12 May 2021 09:47 AM (IST)

Tehri Cloudburst उत्तराखंड में इनदिनों मौसम के तेवर तल्ख है। पहाड़ी जिलों में बारिश आफत बनकर बरस रही है। टिहरी ...और पढ़ें

टिहरी में बादल फटने से उफान पर आया गदेरा, दस दुकानें क्षतिग्रस्त।
टिहरी में बादल फटने से उफान पर आया गदेरा, दस दुकानें क्षतिग्रस्त।

जागरण संवाददाता, नई टिहरी। Tehri Cloudburst उत्तराखंड के टिहरी जिले में दो जगह बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। बादल फटने से देवप्रयाग में बरसाती नदी में आया उफान बाजार पर भारी पड़ा। इससे 10 दुकानों के साथ ही आइटीआइ भवन मलबे में तब्दील हो गया। गनीमत रही इन दिनों कोविड कफ्र्यू के चलते बाजार बंद था। इससे जान का नुकसान नहीं हुआ। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अधिकारियों से संपर्क कर हालात का जायजा लिया और जिला प्रशासन से नुकसान की रिपोर्ट तलब की है। वहीं, भरपूर पट्टी के बौठ गांव में भी बादल फटने से दो मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि पैदल मार्ग और कुछ खेत बह गए। मंगलवार शाम बौठ गांव में भी बादल फटने से दो मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि तीन दुकानें भी ध्वस्त हो गई।

घटना मंगलवार शाम करीब पांच बजे की है। देवप्रयाग से कुछ दूर दशरथ पर्वत के आसपास बादल फटने से देवप्रयाग बाजार के बीच से बहने वाली शांता नदी में उफान आ गया। पहाड़ से बहकर आए विशाल पत्थर और मलबे की चपेट में आने से दुकानें ध्वस्त हो गईं। इनमें ज्वैलरी शाप, कंप्यूटर सेंटर, मिठाई और फर्नीचर की दुकानें शामिल हैं। इस दौरान बाजार में मौजूद एक सुरक्षा कर्मी ने भागकर जान बचाई। 

तेज बहाव में बस अड्डे की ओर आने वाला रास्ते पर बनी पुलिया भी बह गई। अचानक आए उफान से कस्बे के लोग दहशत में हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट ने बताया कि कुछ देर में नदी का उफान शांत हो गया। मौसम को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने को कहा गया है। इसके अलावा टिहरी जिले में ही नरेंद्रनगर ब्लॉक के दोगी पट्टी क्षेत्र के ग्राम पंचायत क्यारा में अतिवृष्टि से तीन मकान क्षतिग्रस्त हो गए। ग्राम प्रधान सुल्तान सिंह के अनुसार तेज बारिश के बीच गांव के पास बह रही बरसाती नदी में बाढ़ आने से नुकसान हुआ है। दहशत में ग्रामीण सुरक्षित स्थान पर चले गए। हालांकि शाम तक लोग गांव लौट गए।

दो मकान, तीन दुकान क्षतिग्रस्त, कई खेत बहे

देवप्रयाग ब्लॉक की भरपूर पट्टी के बौठ गांव में भी बादल फटने से दो मकान क्षतिग्रस्त हो गए जबकि पैदल मार्ग और कुछ खेत बह गए। मंगलवार शाम बौठ गांव में भी बादल फटने से दो मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि तीन दुकानें भी ध्वस्त हो गई। एसडीएम कीर्तिनगर आकांक्षा वर्मा ने बताया कि मलबा और पानी आने से कई खेत, पैदल मार्ग और पेयजल लाइन को भी नुकसान पहुंचा है। गांव में इंटर कॉलेज के भवन को भी नुकसान पहुंचा है। टीम भेजी गई है। टीम की रिपोर्ट के बाद नुकसान का आंकलन किया जाएगा। ग्रामीण सुरक्षित है।

मसूरी में ओलावृष्टि, नैनीताल में बारिश

उत्तराखंड में पहाड़ से लेकर मैदान तक बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला बना हुआ है। मसूरी में ओलावृष्टि हुई तो नैनीताल में बारिश से मौसम सर्द हो गया है। मंगलवार को केदारनाथ की पहाडिय़ों ने एक बार फिर बर्फ की चादर ओढ़ ली, वहीं बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री समेत पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश हुई। वहीं, देहरादून में अंधड़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार को भी मैदानी क्षेत्रों में तेज हवा चल सकती है।

मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

उत्तराखंड को फिलहाल बारिश से राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार और गुरुवार को भी पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के आसार हैं। विभाग ने चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 

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