रुद्रप्रयाग, [जेएनएन]: केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर की टिकटों की कालाबाजारी की शिकायत पर विशेष जांच दल (एसआइटी) ने त्रिजुगीनारायण स्थित ग्लोबल एवियशन कंपनी के कार्यालय पर छापा मारा। एसआइटी प्रभारी और रुद्रप्रयाग के पुलिस अधीक्षक पीएन मीणा ने बताया कि टीम ने जरूरी दस्तावेज कब्जे में ले लिए हैं। उन्होंने बताया कि दस्तावेजों की जांच की जा रही है, यदि जांच में गड़बड़ी मिली तो एफआइआर दर्ज की जाएगी। 

टिकटों की कालाबाजारी पर अंकुश के लिए शासन ने रुद्रप्रयाग के पुलिस अधीक्षक पीएन मीणा के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया है। एसआइटी प्रभारी मीणा ने बताया कि इस कंपनी के टिकटों की कालाबाजारी की शिकायत मिल रही थी। इसीलिए टीम ने त्रिजुगीनारायण स्थिति हेलीपैड पर कंपनी के कार्यालय पर छापा मारा। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन टिकटों की बुकिंग का डाटा और दस्तावेज जब्त किए गए है। उन्होंने बताया कि कंपनी के अधिकारी टीम के सवालों का संतोषजनक जवाब भी नहीं दे पाए। जांच में पता चला है कि हरिद्वार और देहरादून के कुछ ट्रेवल एजेंट कंपनी के लिए काम करते हैं। आरोप है कि ये एजेंट निर्धारित से अधिक किराया वसूल रहे हैं। 

एसआइटी प्रभारी के मुताबिक इसकी भी जांच की जा रही है। मीणा ने बताया कि हेली कंपनियों के एजेंटों पर भी निगाह रखी जा रही है और हेली कंपनियों के स्तर पर की जा रही आनलाइन बुकिंग की भी जांच की जा रही है। गौरतलब है कि बुधवार को एसआइटी ने टिकटों की कालाबाजारी में एक एजेंट को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि उसका साथी फरार है। 

हेलीकाप्टर कंपनी के ऑफिस का निरीक्षण, तोल मशीन कब्जे में ली 

प्रशासन ने हेली सेवाओं का संचालन कर रही एक कंपनी के केदारनाथ स्थित कार्यालय का  निरीक्षण किया। निरीक्षण में कई खामियां पाईं गईं। यहां तक यात्रियों का वजन नापने वाली मशीन (तोल मशीन) में भी गड़बड़ी मिली। निरीक्षण करने वाली टीम का नेतृत्व कर रहे एसडीएम गोपाल सिंह ने बताया कि निरीक्षण की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जा रही है। दूसरी ओर प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में हेली कंपनियों ने एक घंटे उड़ान ठप रखी। 

हुआ यूं कि गुरुवार को हेली सेवा का संचालन करने वाली यूटीआर कंपनी का एक चार्टर हेलीकॉप्टर केदारनाथ में उतरा। हेलीकॉप्टर में पांच यात्री सवार थे। ये यात्री दर्शनों को चले गए। एसडीएम गोपाल सिंह और केदारनाथ चौकी प्रभारी विपिन चंद्र पाठक ने बताया कि यात्रियों के जाने के बाद हेलीकाप्टर में कुछ अन्य यात्री बैठ गए। इस पर प्रशासन ने आपत्ति जताई। एसडीएम का कहना था कि नियमानुसार चार्टर हेलीकॉप्टर उन्हीं यात्रियों का लेकर जा सकता है, जिन्होंने उसकी बुकिंग कराई है न कि अन्य यात्रियों को। इस पर यूटीआर के प्रतिनिधि अफसरों से बहस करने लगे। एसडीएम ने यात्रियों को उतरने के निर्देश दिए। 

इसके बाद एसडीएम के नेतृत्व में टीम ने कंपनी के केदारनाथ स्थिति कार्यालय का निरीक्षण किया। एसडीएम ने बताया कि कंपनी की वजन नापने वाली मशीन में गड़बड़ी है। यह यात्री का वजन ज्यादा दर्शा रही है और इस एवज में कंपनी यात्रियों से तीन हजार से आठ हजार रुपये की अतिरिक्त वसूली कर रही है। मशीन को प्रशासन की टीम ने कब्जे में ले लिया है। एसडीएम ने बताया कि इतना ही नहीं, कंपनी के हेलीकॉप्टर सुरक्षा मानकों से भी समझौता कर रहे हैं। यात्रियों को असुरक्षित तरीके से उतारा जा रहा है। एसडीएम ने बताया कि यूटीआर को लेकर पहले भी शिकायतें मिलती रही हैं। इस बारे में जिलाधिकारी को पत्र भेजा जा चुका है। 

दूसरी ओर यूटीआर के प्रबंधक आशीष भट्ट ने सफाई दी कि कंपनी नियमानुसार ही संचालन कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन हेली कंपनियों पर अनावश्यक दबाव बना रहा है। इसके विरोध में सभी कंपनियों ने सेवाएं एक घंटे ठप रखीं। 

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Posted By: Raksha Panthari

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