रुद्रप्रयाग, जेएनएन। इस वर्ष नेशनल ई-गवर्नेंस अवॉर्ड के लिए रुद्रप्रयाग जिले का चयन किया गया है। यह अवॉर्ड सात फरवरी को मुंबई में आयोजित समारोह में जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल को प्रदान किया जाएगा। मंगेश के नेतृत्व में रुद्रप्रयाग जिले ने ई-गवर्नेंस पर बेहतर काम कर देश में पहला स्थान प्राप्त किया। इसके तहत उन्होंने केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों को ड्रोन के माध्यम से सीधे दिल्ली में दिखाने का अनूठा प्रयोग किया। 

प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग की ओर से ई-गवर्नेंस में बेहतर काम करने के लिए हर साल राष्ट्रीय स्तर पर यह अवार्ड दिया जाता है। इस वर्ष जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल के नेतृत्व में ई-गवर्नेंस के तहत संचालित प्रोजेक्ट 'डिस्ट्रिक्ट एडहॉक वायरलेस सर्विलांस सिस्टम यूजिंग ड्रोन टेक्नोलॉजी' को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान मिला है। इस प्रोजेक्ट के जरिये वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ड्रोन की मदद से केदारनाथ पुनर्निर्माण का लाइव प्रसारण देखा।

यह टेक्नोलॉजी प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर विकसित की है। रुद्रप्रयाग से केदारनाथ तक लोकल लाइव कनेक्टिविटी है। इसके जरिये आपदा की स्थिति में भी केदारनाथ धाम से जुड़े स्थानों का लाइव प्रसारण हो सकता है। साथ ही किसी भी व्यक्ति को इस पूरे क्षेत्र में ट्रैस किया जा सकता है। 

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सम्मान समारोह सात व आठ फरवरी को मुंबई में आयोजित होगा, जिसमें केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह व महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे डीएम घिल्डियाल को यह पुरस्कार प्रदान करेंगे। डीएम की टीम में एनआइसी देहरादून के तकनीकी निदेशक मनोज जोशी, जिला शिक्षा अधिकारी एलएस दानू, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर शिव प्रसाद उनियाल, डिस्ट्रिक्ट को-ऑर्डिनेटर डीडीएमए (जिला आपदा प्रबंधन अथॉरिटी) रुद्रप्रयाग भूपेंद्र सिंह नयाल, नेटवर्क इंजीनियर स्वॉन (स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क) नीरज वशिष्ठ और जीमैक्स कंपनी के निदेशक रोहित संब्याल शामिल हैं। 

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