विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

चारधाम यात्री भरेंगे फर्राटा... रुद्रप्रयाग बाईपास प्रोजेक्ट पूरा, केदारनाथ और बदरीनाथ के बीच नहीं मिलेगा जाम

Published: Wed, 07 Oct 2026 05:05 PM (IST)Updated: Wed, 07 Oct 2026 05:15 PM (IST)

रुद्रप्रयाग बाईपास परियोजना पूरी होने से चारधाम यात्रियों को शहर के जाम से मुक्ति मिलेगी। 200 करोड़ की लागत से ...और पढ़ें

News Article Hero Image
timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

निर्मला बोहरा, उत्तराखंड। रुद्रप्रयाग में चारधाम यात्रा अब और भी आसान होने जा रही है। चारधाम आने वाले तीर्थ यात्रियों को रुद्रप्रयाग नगर में लगने वाले जाम से नहीं जूझना पड़ेगा।

वे रुद्रप्रयाग बाईपास के जरिये सीधे बदरीनाथ हाईवे पर पहुंच जाएंगे। 200 करोड़ की लागत की इस परियोजना में 900.30 मीटर लंबी सुरंग व अलकनंदा नदी पर पुल का निर्माण किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसके उद्घाटन की चर्चा है।

इन दो जिलों के लोगों को मिलेगा लाभ

वर्ष 2003-2004 में केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने रुद्रप्रयाग शहर की भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए रुद्रप्रयाग बाईपास के निर्माण की स्वीकृति प्रदान मिली थी। अब इसके पूरे होने से चारधाम यात्रा समेत चमोली व रुद्रप्रयाग जनपद के निवासियों को भी लाभ मिलेगा।

80741494

परियोजना की लागत

200 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना के पहले चरण का कार्य पूरा होने के बाद दूसरे चरण के लिए बजट स्वीकृत न होने से परियोजना लंबे समय तक अटकी रही। वर्ष 2021 में दूसरे चरण को मंजूरी मिली और दिसंबर 2022 में निर्माण शुरू हुआ।

यह भी पढ़ें- केदारनाथ-बदरीनाथ आएंगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, चारधाम आने वाले भक्तों को देंगे खास सौगात

पहले और दूसरे चरण में हुए कार्य

  • पहले चरण में जवाड़ी से केदारनाथ हाईवे पर लोनिवि कालोनी तक बाईपास तैयार किया गया।
  • यहीं से सुरंग के जरिये इसे बदरीनाथ हाईवे से जोड़ा गया।
  • बाईपास योजना के दूसरे चरण में 900 मीटर लंबी सुरंग बनाई गई।
  • अलकनंदा नदी पर 200 मीटर लंबा पुल बनाया गया है।

रुद्रप्रयाग नगर के जाम में नहीं फंसेंगे यात्री

इस परियोजना यात्रियों को केदारनाथ से बदरीनाथ और बदरीनाथ से केदारनाथ जाने के लिए रुद्रप्रयाग नगर के बीच नहीं आना पड़ेगा। इससे जखोली विकास खंड, अगस्त्मयुनि विकास खंड के साथ ही ऊखीमठ विकास खंड की जनता को रुद्रप्रयाग शहर में जाम में नहीं फंसना पड़ेगा। इससे स्थानीय लोगों के साथ ही देश-विदेश से आने वाले तीर्थ यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी।

परियोजना की मुख्य बातें

  • लागत करीब 200 करोड़ रुपए
  • 900 मीटर लंबी सुरंग
  • अलकनंदा नदी पर लगभग 200 मीटर लंबा पुल