संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग : जिले के 92 गांवों को जोड़ने वाला खांकरा खेड़ाखाल-खिर्सू मोटर मार्ग ग्रामीणों के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है। मोटर मार्ग के चौड़ीकरण व सुधारीकरण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी ग्रामीणों को सुरक्षित यातायात नसीब नहीं हो पा रहा है।

बच्छणस्यूं पट्टी के 21 ग्राम पंचायतों के 92 गांव की लगभग 18 हजार जनसंख्या को सरकार ने यातायात सुविधा तो दी है। लेकिन, मार्ग पर बने बड़े-बड़े गड्ढे दुर्घटना को न्यौता दे रहे हैं। पिछले बीस वर्षों से इस पूरे क्षेत्र को सुरक्षित यातायात नसीब नहीं हो पाया है। क्षेत्र के मुख्य मोटर मार्गों पर उखड़ा डामर और गड्ढों से हादसों की हर समय संभावना बनी रहती है। अस्सी के दशक में बच्छणस्यूं को यातायात सुविधा से जोड़ने के लिए खांकरा-खेड़ाखाल-खिर्सू मोटर मार्ग का निर्माण किया गया। वर्ष 2014-15 में मार्ग के चौड़ीकरण व सुधारीकरण के नाम पर मार्ग पर एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) की सहायता से 12 करोड़ रुपये खर्च किए गए। लेकिन, फिर भी पूरा मार्ग बदहाल बना हुआ है। बीते सीजन में बरसात के बाद से मार्ग पर उगी झाडिय़ों का भी कटान नहीं हो पाया है। दूसरी तरफ नब्बे के दशक में बच्छणस्यूं के ऊपरी तरफ के गांवों के लिए कांडई-कमोल्ड़ी-बरसूड़ी-मोलखाखाल मार्ग का निर्माण किया गया। लेकिन, 30 वर्ष बाद भी यह मार्ग पक्का नहीं हो पाया है। मार्ग पर भूधंसाव और भूस्खलन जोन बने हैं, जो हादसे का कारण बन सकता है। पिछले तीन वर्षों से मार्ग का चौड़ीकरण किया जा रहा है, जो खानापूर्ति साबित हो रहा है।

बीते वर्ष जून में डीएम मंगेश घिल्डियाल ने मार्ग का निरीक्षण करते हुए लोनिवि के अभियंताओं से स्पष्टीकरण मांगा था। लेकिन, हालात जस के तस हैं। स्यूंणी-टैठी-पाटा मोटर मार्ग भी हादसों का सबब बना है। कई जगहों पर मार्ग पर वाहन तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो रखा है।

लोनिवि प्रांतीय खंड के ईई इंद्रजीत बोस ने बताया कि मोटर मार्गों को दुरस्त करने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। सभी कार्यदायी संस्थाओं से रिपोर्ट मांगी गई है।

Posted By: Jagran

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