संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग: रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल अफसरों की मनमानी से आजिज आ चुके हैं। यहां तक कि वेतन रोकने जैसी कार्रवाई के बाद भी उनमें सुधार नजर नहीं आ रहा है। अफसरों को सुधारने के लिए जिलाधिकारी ने एक नायाब पहल की है। जिलाधिकारी ने तय किया है कि ऐसे अफसरों को दूरस्थ गांवों में भेजा जाए। वहां ये अधिकारी ग्रामीणों की समस्या सुनने के साथ ही विकास कार्यो का जायजा भी लेंगे और रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेंगे। इसके तहत शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) एसएस चौहान समेत छह अफसर गांवों मे रात बिताएंगे।

जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि जिले में कई अफसर बिना बताए छुट्टी पर जा रहे हैं। इतना ही नहीं महत्वूपर्ण बैठकों में अनुपस्थिति के मामले भी बढ़े हैं। उन्होंने बताया कि जन शिकायतों को लेकर भी अफसरों में गंभीरता नजर नहीं आ रही है। डीएम ने बताया कि नौ नवंबर को राज्य स्थापना दिवस पर अगस्त्यमुनि में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी समेत आधा दर्जन अधिकारी नदारद थे। इन सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही शनिवार को इन अफसरों को दूरस्थ गांवों में भेजा जाएगा। इनमें मुख्य विकास अधिकारी के अलावा जिला पूर्ति अधिकारी केएस कोहली, मुख्य शिक्षाधिकारी अधिकारी सीएन काला, दुग्ध विकास अधिकारी विजया नेगी, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई हरीश चन्द्र और मुख्य कृषि अधिकारी एसएस वर्मा शामिल हैं।

डीएम बताया कि जिले में ऐसे गांवों की सूची तैयार की जा रही है जिनकी सड़क से दूरी कम से कम चार से पांच किलोमीटर हो। अफसरों को गांव की रिपोर्ट और फोटोग्राफ भी उपलब्ध कराने होंगे। उन्होंने बताया कि इस पहल का मकसद अधिकारियों को दंडित करना नहीं, बल्कि उनकी परफार्मेस में सुधार लाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दूरस्थ गांवों के भ्रमण से अफसर ज्यादा संवेदनशील भी होंगे।

Posted By: Jagran

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