संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग: बदरीनाथ हाईवे पर नब्बे के दशक से सक्रिय सिरोबगड़ स्लाइडिंग जोन की तरह ही नरकोटा के पास भी एक स्लाइडिंग जोन विकसित हो गया है। यहां पर हाईवे काफी खतरनाक बना है। इसका ट्रीटमेंट अत्याधुनिक तरीके से जल्द सरकार को खोजना होगा, नहीं तो आने वाले समय में यह रुद्रप्रयाग व चमोली के निवासियों के साथ ही चारधाम पर आने वाले यात्रियों के लिए भी मुसीबत का सबब बन जाएगा।

रुद्रप्रयाग व श्रीनगर के बीच नरकोटा के पास विकसित हुआ स्लाइडिंग जोन सिरोबगड़ की तरह लोगों को याद दिला रहा है। नब्बे की दशक से अब तक सक्रिय रहा सिरोबगड़ स्लाइडिंग जोन इस पूरे क्षेत्र के लिए नासूर बन गया था, जिसके बाद सरकार ने 200 करोड़ से अधिक की लागत से सिरोबगड़ बाईपास योजना को स्वीकृति दी, जिसका कार्य इन दिनों अंतिम चरण पर है। अब फिर से रुद्रप्रयाग से आठ किलोमीटर आगे श्रीनगर की ओर स्लाइडिंग जोन विकसित हो गया है। गत दिनों यहां पर पूरी सड़क लगभग पचास मीटर बह गई थी, पहाड़ी काट कर रास्ता बनाया गया है, लेकिन यहां पर लगभग सौ मीटर ऊपर से भूस्खलन शुरू हो गया है, जो कि आने वाले समय में इस पूरे क्षेत्र के लिए मुसीबत का सबब बन सकता है। सरकार को इसका समाधान शीघ्र खोजना होगा, ताकि यहां पर भूस्खलन को रोका जा सके।

व्यापार संघ रुद्रप्रयाग के अध्यक्ष चंद्रमोहन सेमवाल ने कहा कि इसका स्थाई समाधान जरूरी है, यदि यहां पर भूस्खलन को समय रहते नहीं रोका गया तो पूरे क्षेत्र के लिए नासूर बन जाएगा। भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र जोशी ने भी इसके ठोस उपाय के लिए नेशनल हाईवे को जल्द कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं उप जिलाधिकारी सदर बृजेश तिवारी ने कहा कि इस संबंध में नेशनल हाईवे को ट्रीटमेंट के लिए कहा गया है। डीएम भी मौके पर जाकर इसकी समीक्षा कर चुके हैं।

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