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उत्तराखंड के नगरासू गुरुद्वारे पर निहंगों का कब्जा: छावनी में तब्दील हुआ क्षेत्र, कर्णप्रयाग में निषेधाज्ञा

Published: Sun, 21 Jun 2026 08:45 PM (GMT+05:30)

रुद्रप्रयाग के नगरासू स्थित गुरुद्वारा दमदमा साहिब पर निहंगों के कब्जे से तनाव बढ़ गया है, जिसके बाद प्रशासन और निहंगों के बीच कई दौर की वार्ता हुई है।

बदरीनाथ हाईवे पर नगरासू गुरुद्वारा के छत पर चढे निहंग। वहीं,  गुरुद्वारा के बाहर सुरक्षा की दृष्टि से लगी पुलिस। जागरण

बदरीनाथ हाईवे पर नगरासू गुरुद्वारा के छत पर चढे निहंग। वहीं,  गुरुद्वारा के बाहर सुरक्षा की दृष्टि से लगी पुलिस। जागरण 

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संक्षेप में पढ़ें

संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग के नगरासू में गुरुद्वारा दमदमा साहिब पर शनिवार दोपहर से सात से आठ निहंग कब्जा जमाए हुए हैं। इससे पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है।

प्रशासन और निहंगों के बीच कई दौर की वार्ता भी हो चुकी है, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। हालांकि, रविवार को निहंगों ने बंधक बनाए गए एक सेवादार को रिहा कर दिया।

सुरक्षा के मद्देनजर रुद्रप्रयाग व चमोली जिले में इंटरनेट सेवाएं सुबह से शाम पांच बजे तक बंद रहीं।

nihangs occupy nagrasu gurdwara in Uttarakhand

दूसरी ओर, एसडीएम गैरसैंण अबरार अहमद व सीओ कर्णप्रयाग होशियार सिंह पांगती पुलिस और अर्धसैनिक बलों के साथ गैरसैंण क्षेत्र में डेरा डाले रहे। दिनभर चमोली जिले की सीमा में प्रवेश करने वाले वाहनों की भी जांच पड़ताल चलती रही।

क्या है मामला

बीते 16 जून को कर्णप्रयाग में पार्किंग को लेकर स्थानीय निवासियों व निहंगों के बीच विवाद हो गया था। मामला इस कदर बिगड़ा कि निहंगों ने तलवारों से स्थानीय लोगों पर हमला कर दिया।इसमें चार लोग घायल हो गए थे।

निहंगों का आरोप है कि इस प्रकरण में स्थानीय गुरुद्वारा प्रबंधन की ओर से कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई, जिससे वे असंतुष्ट हैं। इसी के चलते शनिवार दोपहर सात से आठ निहंग गुरुद्वारा पहुंचे और सेवादारों से हाथापाई के बाद छत पर चढ़कर तलवारें लहराने लगे।

अभी भी निहंग गुरुद्वारे के भीतर मौजूद हैं, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया है।

police depoly in nagrasu gurdwara gate in Uttarakhand

निहंगों को रिहा करने की मांग

निहंग कर्णप्रयाग की घटना के बाद गिरफ्तार किए गए निहंगों को रिहा करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं माने जाने पर देशभर से बड़ी संख्या में निहंग उत्तराखंड पहुंच सकते हैं।

हथियार पर पूरी तरह लगे रोक

स्थानीय लोग इस घटना के बाद से डरे हुए हैं। उनका कहना है कि जो लोग खुलेआम हथियार लेकर यात्रा पर आ रहे हैं, उन पर पूरी तरह रोक लगनी चाहिए।

nihangs occupy nagrasu gurdwara at Rudraprayag

शांति बनाने की अपील

घटना के बाद से रुद्रप्रयाग के डीएम विशाल मिश्रा व एसपी नीहारिका तोमर भी मौके पर डटे हुए हैं और प्रशासन की मौजूदगी में गुरुद्वारा प्रबंधन समिति और निहंगों के बीच वार्ता चल रही है। अधिकारियों ने सभी पक्षों से शांति एवं संयम बनाए रखने की अपील की है।

गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के प्रबंधक बेहन्त सिंह ने कहा कि इस तरह की घटनाएं उत्तराखंड के शांत माहौल को बिगाड़ सकती हैं। कहा कि गुरुद्वारे में मौजूद निहंगों से उनका कोई पूर्व परिचय नहीं है।

_nagrasu gurdwara in Rudraprayag

27 जून तक निषेधाज्ञा लगा

निहंगों के कर्णप्रयाग कूच के ऐलान के बाद कर्णप्रयाग में 27 जून तक निषेधाज्ञा लगा दी गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चमोली जिले के गैरसैंण, मेहलचौरी और सीमावर्ती पांडुवाखाल बाजार में भारी पुलिस बल के साथ अर्धसैनिक बल भी तैनात किए गए हैं।

स्थिति नियंत्रण में: पुलिस

कोतवाल गैरसैंण मनोज कुमार सिरोला ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देश पर मामला शांत होने तक सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात रहेंगे। हालांकि, इस घटनाक्रम के हेमकुंड यात्रा निर्बाध जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है।

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