केदारनाथ पैदल मार्ग पर पर्यावरण की अनदेखी का मामला एनजीटी पहुंचा, जारी होंगे नोटिस
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने केदारनाथ पैदल मार्ग पर पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन को लेकर प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए हैं।

HighLights
NGT ने केदारनाथ मार्ग पर पर्यावरण अनदेखी पर नोटिस दिए
सीवेज उपचार संयंत्रों की क्षमता पर सवाल उठाए गए
खुले नालों और कचरा निस्तारण की समस्या उजागर हुई
संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग। सोनप्रयाग-गौरीकुंड-केदारनाथ यात्रा मार्ग पर पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
एनजीटी ने माना कि आवेदन में पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया गया है। मामले की अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी।
सीवेज शोधन संयंत्रों की क्षमता पर भी सवाल
मामले की सुनवाई एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डा. अफरोज अहमद की पीठ ने की। आवेदक अमित गुप्ता ने स्वयं उपस्थित होकर यात्रा मार्ग में अपर्याप्त उपचारित अपशिष्ट जल के प्रवाह, खुली एवं अव्यवस्थित नालियों, सीवर कनेक्टिविटी की कमी, पर्याप्त शौचालय सुविधाएं उपलब्ध न होने और ठोस कचरे के अनुचित निस्तारण का मुद्दा उठाया। उन्होंने केदारनाथ और गौरीकुंड में उपलब्ध सीवेज शोधन संयंत्रों की क्षमता पर भी सवाल खड़े किए।
आवेदक के अनुसार, केदारनाथ में स्थापित 600 किलोलीटर क्षमता का सीवेज शोधन संयंत्र यहां निकलने वाले सीवेज के उपचार के लिए पर्याप्त नहीं है। साथ ही गौरीकुंड में उपलब्ध 200 केएलडी क्षमता की शोधन सुविधा भी अपर्याप्त है। केदारनाथ में कम से कम 1,000 केएलडी क्षमता का सीवेज शोधन संयंत्र होना चाहिए।
इसके अलावा यात्रा मार्ग समेत संबंधित क्षेत्र में जगह-जगह कचरा बिखरे होने और ठोस अपशिष्ट के उचित निस्तारण की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए हैं। आवेदक ने आरोपों के समर्थन में तस्वीरें भी एनजीटी के समक्ष प्रस्तुत कीं। मामले में उठाए गए पर्यावरणीय मुद्दों पर विचार करने के बाद एनजीटी ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिए। साथ ही, आवेदक को अगली सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले नोटिस तामील कराने संबंधी शपथपत्र दाखिल को कहा।
